बालोतरा, 16 जून:
रीको औद्योगिक क्षेत्र बालोतरा, जसोल और बिठूजा सहित आसपास के उद्योगों से जुड़ी पर्यावरणीय समस्याओं पर आज लघु उद्योग भारती बालोतरा द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्री शांतिलाल बालड़ के सान्निध्य में सम्पन्न हुई, जिसमें राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अतिरिक्त मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री अमित शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी श्री दीपक तंवर, और सहायक पर्यावरण अभियंता श्री पीयूष कुरड़िया विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में बालोतरा, जसोल और बिठूजा क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों और उद्यमियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य पर्यावरणीय अनुमतियों में आ रही जटिलताओं को उजागर करना तथा उनके व्यावहारिक समाधान की दिशा में सुझाव और मांगें प्रस्तुत करना था।
श्री शांतिलाल बालड़ ने प्रमुख मांगों में यह बात रखी कि खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले उद्योगों के लिए CTE/CTO और Hazardous Authorization हेतु अलग-अलग आवेदन और शुल्क की अनिवार्यता को समाप्त कर एकीकृत प्रक्रिया लागू की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि मशीनरी में आंतरिक परिवर्तन (In-House Changes) के लिए हर बार CTE/CTO के लिए पुनः आवेदन की आवश्यकता न हो, बल्कि केवल सूचना पर आधारित कोरिजेंडम जारी किया जाए।
इसके अतिरिक्त, राज्य बजट 2025-26 में प्रस्तावित 27 किमी पाइपलाइन परियोजना को शीघ्र क्रियान्वित करने के लिए मंडल से तत्काल कार्यवाही की अपील की गई, जिससे CETP का ट्रीटेड पानी पुनः उद्योगों को आपूर्ति किया जा सके। अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं में समय पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने, क्लोजर नोटिस की प्रक्रिया में संतुलन लाने और थम्ब रूल से जुड़े भ्रमों को स्पष्ट करने की मांगें भी शामिल रहीं।
श्री बालड़ ने कहा कि आज के उद्योग तकनीकी, उत्पादन और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाकर कार्य कर रहे हैं, लेकिन अनावश्यक प्रक्रियात्मक जटिलताएँ उनकी कार्यक्षमता को बाधित करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जोधपुर, पाली, बालोतरा, जसोल, बिठूजा और पचपदरा रिफाइनरी से निकलने वाले प्रदूषित अपशिष्ट जल को कच्छ की खाड़ी तक पहुंचाने हेतु ड्रेनेज योजना बनाने पर माननीय मुख्यमंत्री से चर्चा की गई है और मुख्यमंत्री ने इस योजना को शीघ्र क्रियान्वित करने का आश्वासन दिया है।
अतिरिक्त मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री अमित शर्मा ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और विश्वास दिलाया कि जिन बिंदुओं पर नीतिगत या प्रक्रियात्मक सरलीकरण संभव होगा, उन पर मंडल स्तर पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
बैठक का समापन लघु उद्योग भारती बालोतरा अध्यक्ष श्री महेन्द्र श्री श्रीमाल द्वारा अधिकारियों के प्रति आभार ज्ञापन के साथ किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की संवादात्मक बैठकें केवल समस्याओं को उजागर करने का मंच नहीं होतीं, बल्कि समाधान की दिशा में ठोस कदम सिद्ध होती हैं।
इस बैठक में CETP उपाध्यक्ष श्री रामाकिशन गर्ग, जोधपुर प्रांत सचिव श्री विनोद सिंघवी, बालोतरा इकाई उपाध्यक्ष श्री नरेन्द्र हिमालया एवं विजय मोरमुखुट, सचिव श्री अविनाश गोलेच्छा, कोषाध्यक्ष श्री नखतमल चंडक, पूर्व CETP अध्यक्ष श्री सुभाष मेहता, निवर्तमान अध्यक्ष श्री प्रवीण महाजन, जसोल इकाई अध्यक्ष श्री डूंगर सालेचा और सचिव श्री कैलाश कोठारी, श्री जयप्रकाश गोयल, श्री सुरंगीलाल सालेचा, श्री ताराचंद्र कोठारी, पियूष चोपड़ा (बीआई ग्रुप), गनी मोहम्मद सुमरो, सहित बालोतरा, बिठूजा, जसोल और आसपास के अनेक उद्यमीगण उपस्थित रहे।

