<p><a href="https://twitter.com/hashtag/Msme?src=hashtag_click"><span style="background-color:rgb(255,255,255);color:rgb(15,20,25);">#Msme</span></a><span style="background-color:rgb(255,255,255);color:rgb(15,20,25);"> में कुशल कामगारों की कमी से उत्पादकता और गुणवत्ता में कमी होती है, जिससे छोटे उद्योग प्रतिस्पर्धा में पीछे हट जाते हैं। हमारी सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कामगारों के कौशल विकास पर काम कर रही है। छोटे उद्योगों में अकुशल कामगारों को भर्ती करने के कारण उत्पाद की लागत बढ़ती है, जिससे वे वैश्विक और घरेलू बाजार में पीछे रह जाते हैं। अक्सर, ये अकुशल कामगार मशीन ऑपरेटर बन जाते हैं, लेकिन उनके पास अनुभव या प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र नहीं होता, जिससे उन्हें अगले कार्यस्थल में समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसलिए, उन्हें सूक्ष्म काल की ट्रेनिंग मिलने से उनकी क्षमता और कार्य की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। यह न केवल उनके लिए बल्कि उद्योगपति और उत्पादकता के लिए भी लाभकारी हो सकता है। भारतीय कौशल विकास निगम के माध्यम से आरपीएल कार्यक्रम ने इस प्रकार की समस्याओं का समाधान करने के लिए कदम उठाया है। इसके अंतर्गत, ग्रेटर नोएडा में ऑफसेट प्रिंटिंग प्रेस के ऑपरेटर के लिए ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया जा रहा है। यह न केवल कामगारों के कौशल में सुधार करेगा बल्कि उन्हें सरकारी नौकरी के लिए भी मान्यता प्रदान करेगा। इससे उद्योग की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार होगा, जिससे यह उद्योग स्थानीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेगा।</span></p>

