लघु उद्योग भारती जोधपुर प्रान्त कार्यकारिणी बैठक: संगठनात्मक विकास और औद्योगिक चुनौतियों पर मंथन
लघु उद्योग भारती जोधपुर प्रान्त की कार्यकारिणी बैठक भवन सभागार में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अनिल अग्रवाल और प्रान्त अध्यक्ष श्री महावीर जी चौपड़ा के सानिध्य में आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत संगठन मंत्र के सामूहिक गायन से हुई, जिसमें संगठन की एकजुटता और उद्देश्यों को पुनर्स्थापित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में प्रान्त अध्यक्ष श्री महावीर जी चौपड़ा ने कार्यकारिणी सदस्यों का स्वागत करते हुए संगठन के कार्यों, सदस्यता विस्तार, इकाई सशक्तिकरण और औद्योगिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पिछले कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों का सार प्रस्तुत किया और बताया कि संगठन किस प्रकार उद्योगों के सामने आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए सतत प्रयासरत है। बैठक में यह भी चर्चा की गई कि किस प्रकार लघु उद्योग भारती विभिन्न इकाइयों को मजबूत कर MSME क्षेत्र को नए अवसर प्रदान कर सकता है।
इसके बाद प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अनिल अग्रवाल ने संगठनात्मक दिशा और आगामी कार्ययोजनाओं पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उद्योगों के लिए की जा रही सकारात्मक पहल और योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उद्योगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए संगठन के माध्यम से समन्वय बनाना चाहिए।
बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई, जिसमें राज्य बजट में भेजे गए सुझावों, कौशल विकास केंद्र, जोधपुर से संबंधित विषयों, पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव 2025 की तैयारियों, ईंट भट्टा उद्योगों के लिए जिग-जैग तकनीक की समय सीमा 16 माह बढ़ाने के प्रस्ताव और जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के भू-आवंटन नियमों से संबंधित मामलों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। इन विषयों पर चर्चा का मुख्य उद्देश्य MSME और पारंपरिक उद्योगों के समक्ष आ रही प्रशासनिक एवं तकनीकी बाधाओं को हल करने के उपाय तलाशना था।
बैठक में जोधपुर की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और क्षेत्रीय स्तर पर उद्योगों को हो रही समस्याओं और उनके समाधान पर विचार प्रस्तुत किया। कार्यकारी सदस्य और उद्योगपति इस बात पर सहमत हुए कि संगठन को सरकारी नीति-निर्माण प्रक्रिया में अधिक सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए और नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए निरंतर संवाद बनाए रखना चाहिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक का संचालन प्रान्त उपाध्यक्ष श्री दीपक माथुर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रान्त संयुक्त महामंत्री श्री सुरेशकुमार विश्नोई ने किया। बैठक का समापन शांतिपाठ के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रान्त कार्यकारिणी के सदस्य एवं विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे यह सिद्ध हुआ कि लघु उद्योग भारती अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

