लघु उद्योग भारती के स्थापना दिवस (25 अप्रैल 2025) के पावन अवसर पर कार्यकारिणी सदस्य – लघु उद्योग भारती, जयपुर अंचल (राजस्थान) श्री के. के. यादव जी ने सभी सदस्यों और उद्यमियों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए इस ऐतिहासिक दिन के महत्व को गहराई से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल संगठन की स्थापना की वर्षगांठ नहीं है, बल्कि वह प्रेरणादायक क्षण है जब कुछ दूरदर्शी, समर्पित और राष्ट्रनिष्ठ व्यक्तित्वों ने भारत के सूक्ष्म और लघु उद्योगों को एकजुट कर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित करने का सपना देखा था।
उन्होंने संगठन की उस यात्रा को श्रद्धांजलि स्वरूप याद किया जिसमें निःस्वार्थ सेवा, संघठनात्मक अनुशासन और देश के अंतिम व्यक्ति तक विकास की भावना को पहुंचाने की सोच थी। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक आंदोलन है – जो “स्वदेशी से स्वावलंबन” और “उद्योग से उन्नति” की राह दिखाता है।
स्थापना दिवस के अवसर पर श्री यादव ने विशेष रूप से उन पुरोधाओं को नमन किया जिनके प्रयासों से यह संगठन आज न केवल पूरे देश में स्थापित है, बल्कि करोड़ों उद्यमियों के लिए आशा, सहयोग और सशक्तिकरण का स्तंभ बन चुका है। उन्होंने संगठन के मूल मंत्र “उद्योग हित ही राष्ट्रीय हित है”, “संघे शक्ति: कलौ युगे”, और “कर्म ही परमो धर्मः, उद्योगः प्रगतेः मूलम्” को दोहराते हुए यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि हम सभी संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने हेतु तन-मन-धन से समर्पित रहेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि आज का दिन हमें यह स्मरण कराता है कि हमारे छोटे-छोटे प्रयास भी जब संगठित होकर दिशा प्राप्त करते हैं, तो वे राष्ट्र की आत्मा को नई ऊर्जा देते हैं। यह दिवस हमें अपने कर्तव्यों की पुनः याद दिलाता है – कि हम स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दें, स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करें, और विकसित भारत के सपने को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
श्री यादव ने सभी से आह्वान किया कि इस शुभ अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें – कि हम अपने कर्म, समर्पण और संगठनात्मक प्रतिबद्धता से माँ भारती को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में अपना योगदान देंगे।
“यत्र उद्योगः, तत्र समृद्धिः। यत्र समर्पणं, तत्र सिद्धिः।”
जय उद्योग! जय भारत!
– श्री के. के. यादव
कार्यकारिणी सदस्य – लघु उद्योग भारती, जयपुर अंचल (राजस्थान)

