कटनी में 16 मई 2025 को आयोजित एमएसएमई विभाग की कार्यशाला न केवल एक आयोजन थी, बल्कि यह उद्योग विस्तार, नवाचार, गुणवत्ता सुधार और नीति जागरूकता की दिशा में एक ठोस कदम भी सिद्ध हुई। म.प्र. लघु उद्योग निगम द्वारा होटल अरिंदम में आयोजित इस कार्यशाला में जिला प्रशासन, औद्योगिक संगठन, विशेषज्ञ प्रशिक्षक और उद्यमियों का समावेश एक समग्र दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें नीति से लेकर व्यवहारिक समाधान तक सभी पहलुओं को समाहित किया गया।
यह कार्यक्रम भारत सरकार की RAMP योजना के अंतर्गत आयोजित हुआ, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने और उनके सतत विकास के लिए कार्य कर रही है। कार्यशाला के दौरान LEAN प्रबंधन द्वारा उत्पादन की प्रक्रिया को कुशल बनाने, ZED सर्टिफिकेशन द्वारा गुणवत्ता और पर्यावरण संतुलन के मानकों को अपनाने, और बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के माध्यम से नवाचार की रक्षा और व्यापारिक लाभ सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
एमएसएमई पॉलिसी मास्टर ट्रेनर श्री बृजेश मिश्रा ने नवीन एमएसएमई नीति एवं भूमि-भवन अधिनियम के बारे में जानकारी साझा कर उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और नीतियों का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। श्री आर. के. दलेला ने ZED सर्टिफिकेशन के माध्यम से जीरो डिफेक्ट और जीरो इफेक्ट की अवधारणा को व्यवहार में लाने के तरीकों पर प्रकाश डाला, जो उत्पाद की गुणवत्ता के साथ पर्यावरण की भी रक्षा करता है।
व्यवसाय में पूंजी की समस्या को समझते हुए ई-वाय कंसल्टेंट श्री सुनील साईं ने E-TRADE प्लेटफॉर्म की जानकारी दी, जिससे छोटे उद्योग स्टॉक लिस्टिंग एवं अन्य वित्तीय साधनों के माध्यम से पूंजी जुटा सकते हैं।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश महामंत्री श्री अरुण सोनी ने संगठन की भूमिका को स्पष्ट करते हुए बताया कि लघु उद्योग भारती न केवल एक संगठन है, बल्कि सरकार और उद्योगों के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य कर रही है, जो जमीनी स्तर पर उद्योगों की आवश्यकताओं को नीतिगत निर्णयों तक पहुंचाती है।
इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न औद्योगिक संगठनों — जैसे चूना उत्पादक संघ, तुअर दाल मिल एसोसिएशन, राइस मिल उद्योग संघ, CII, जिला उद्योग संघ — की सक्रिय सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि जब नीति, मार्गदर्शन और समन्वय एक मंच पर आते हैं, तो उद्योग क्षेत्र में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।
कार्यक्रम में 140 उद्यमियों की भागीदारी, जिसमें 36 महिला उद्यमी भी शामिल थीं, दर्शाता है कि यह कार्यशाला व्यापक स्तर पर प्रेरणा एवं जानकारी का स्रोत बनी। इस आयोजन ने न केवल तकनीकी और प्रबंधकीय पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया, बल्कि यह एक सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक मजबूत पहल रही।
इस प्रकार, यह कार्यशाला कटनी के औद्योगिक क्षेत्र को सशक्त बनाने, उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय उत्पादन को वैश्विक प्रतिस्पर्धा हेतु तैयार करने की दिशा में एक प्रेरणास्पद एवं दूरदर्शी प्रयास सिद्ध हुई।

