सारंगपुर (राजगढ़): RAMP कार्यशाला में उद्यमिता विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर ज़ोर
राजगढ़ जिले के सारंगपुर में 17 जुलाई को लघु उद्योग भारती एवं एमएसएमई विभाग के संयुक्त तत्वावधान में RAMP योजना के तहत एक प्रभावशाली कार्यशाला का आयोजन मांगलिक परिसर, वार्ड नंबर 7 में किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमों को विस्तार के अवसर और उनकी कार्यप्रणाली में सुधार हेतु प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुश्री ज्योति सुनहरे, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक श्रीमती सीमा सोलंकी, असिस्टेंट मैनेजर श्री रमेश साहनी, श्री गोविंद मार्सकोले, नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्री निलेश वर्मा, CA एल.एस. सिसोदिया, CA युवराज निलक, शासकीय महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमती ममता खोइया तथा सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने उपस्थिति दर्ज कराई।
जिला उद्योग केंद्र की जीएम श्रीमती सीमा सोलंकी ने RAMP योजना की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह योजना पूरे भारत में एमएसएमई क्षेत्र की दक्षता, उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता सुधार के लिए संचालित की जा रही है। उन्होंने उद्योगों के लिए ZED सर्टिफिकेशन और LEAN प्रबंधन जैसे उपायों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला में लघु उद्योग भारती के मीडिया प्रभारी श्री मयंक जैन ने संगठन के कार्यों और उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि यह संगठन देश का सबसे बड़ा अखिल भारतीय संगठन है, जो लघु और मध्यम उद्योगों के हितों की रक्षा और उनके विकास के लिए सतत कार्यरत है।
इस आयोजन में लघु उद्योग भारती राजगढ़ की सक्रिय भागीदारी रही। अध्यक्ष श्री अंशुल श्रीमाल, उपाध्यक्ष श्री प्रशांत अग्रवाल, रामगोपाल राठौड़, राजेश पांडे, आकाश विश्वकर्मा, महेश लोहार (सचिव), निलेश लववंशी (कोषाध्यक्ष), नरसिंह लववंशी, आकाश जैन, सिद्धार्थ मिश्रा, सुनील शर्मा, चैतन्य पांचाल सहित कई पदाधिकारी एवं सदस्यगणों ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
श्री हेमंत झा ने ZED सर्टिफिकेशन और LEAN तकनीकों की जानकारी दी, वहीं श्री रवि वर्मा ने RAMP योजना के क्रियान्वयन और लाभों पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला में 150 से अधिक स्थानीय उद्यमियों ने सहभागिता की। चर्चा का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाना है, तो एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालना और कार्यशैली में नवाचार लाना अनिवार्य है। इस दिशा में लघु उद्योग भारती और एमएसएमई विभाग का यह संयुक्त प्रयास अत्यंत सराहनीय पहल के रूप में सामने आया।

