*स्वयंसिद्धा संकल्प सूत्र एग्ज़िबिशन 2025
द्वितीय दिवस: 25 जुलाई 2025 स्थान: खेल प्रशाल, इंदौर
पैनल चर्चा – “महिला उद्यमी: सपनों से सृजन तक”
स्वयंसिद्धा संकल्प सूत्र एग्ज़िबिशन 2025 के दूसरे दिन महिला उद्यमिता को समर्पित एक प्रेरणादायक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। विषय था “महिला उद्यमी: सपनों से सृजन तक”, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित महिला वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए।
मुख्य अतिथि एवं मंचासीन गणमान्यजन:
श्री चेतन्य कश्यप – माननीय मंत्री, MSME विभाग (मुख्य अतिथि), श्री राजेश मिश्रा – प्रदेश अध्यक्ष, मध्यप्रदेश, श्री अरुण सोनी– महा सचिव, मध्यप्रदेश, श्रीमती सीमा मिश्रा – संचालनकर्ता, श्री शिवनारायण शर्मा कार्यकारिणी सदस्य, श्री राजेन्द्र दुबे– अध्यक्ष, मालवा अंचल, श्री महेश जी गुप्ता – पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, श्री कनहैयालाल खत्री – इंदौर प्रभारी
पेनलिस्ट वक्ता:
प्रोफेसर रेखा आचार्य, सुरभि मनोच चौधरी, ज्योति रात्रे – पर्वतारोही, कवित जैन, डॉ. संध्या चौकसे, प्रीति जैन, वैशाली मालवीय एवं वर्षा साल्वर
संचालन: पैनल चर्चा का कुशल संचालन श्रीमती सीमा मिश्रा ने किया, जिन्होंने विषय को गहराई से प्रस्तुत करते हुए वक्ताओं को संवाद के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि श्री चेतन्य कश्यप का भाषण:
” महिला सशक्तिकरण से ही होगा देश का विकास
स्वयंसिद्धा के माध्यम से लघु उद्योग भारती कि यह पहल सराहनी है
लघु उद्योग भारती महिला इकाई इंदौर द्वारा आयोजित स्वयंसिद्धा कार्यक्रम में द्वितीय दिवस महिला उद्यमी सपनों से सृजन तक कार्यक्रम के उद्घाटन में पधारे सूक्ष्म लघु एवं मध्यम और मध्यम मंत्रालय कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप जी द्वारा सभी स्टालों का भ्रमण किया एवं महिला उद्यमियों के साथ संवाद किया महिलाओं ने खुलकर अपने मन के प्रश्नों को मंत्री के सामने रखा और मंत्री काश्यप द्वारा बड़ी बेबाकी की से सभी प्रश्नों का उत्तर दिया गया.
तत्पश्चात अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आज देश में महिला सशक्तिकरण की बात कही जा रही है किंतु लघु उद्योग भारती इस तरह के आयोजन करके उस कार्य को सार्थक कर रही है यह एक अनूठी पहल है छोटे स्तर पर काम करने वाली महिलाओं को लघु उद्योग भारती द्वारा यह बड़ा प्लेटफार्म दिया जा रहा है जिससे उन्हें नया मार्केट मिल रहा है और वह अपने उद्योगों का विस्तार इस माध्यम से कर रहे हैं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी द्वारा लगातार महिला सशक्तिकरण एवं महिला उद्यमियों के हितों के लिए प्रयास कर रहे हैं हम सब मिलकर इस दिशा में और भी आगे कार्य करेंगे महिलाएं आज केवल घर की सीमाओं तक नहीं हैं, वे उद्योग, नवाचार और नेतृत्व में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। MSME विभाग महिला उद्यमियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा जब महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों।”
श्री राजेश मिश्रा का वक्तव्य: “यह मंच महिला शक्ति के संकल्प और सृजन का प्रतीक है। हमें गर्व है कि इंदौर की महिलाएं उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।”
प्रोफेसर रेखा आचार्य: “शिक्षा और आत्मविश्वास ही महिला उद्यमिता की नींव हैं। जब महिलाएं अपने सपनों को साकार करने का साहस करती हैं, तो समाज बदलता है।”
सुरभि मनोच चौधरी: “हर महिला में एक निर्माता है। हमें बस उसे पहचानने और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।”
ज्योति रात्रे (पर्वतारोही): “मैंने पर्वतों को चढ़ा है, लेकिन असली चढ़ाई समाज की सोच बदलने की है। महिला उद्यमिता उसी दिशा में एक कदम है।”
डॉ. संध्या चौकसे: “स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय साक्षरता – ये तीन स्तंभ हैं जिन पर महिला उद्यमिता को मजबूती मिलती है।”
प्रीति जैन: “जब महिलाएं एक-दूसरे को सहयोग देती हैं, तो एक सशक्त नेटवर्क बनता है जो हर चुनौती को पार कर सकता है।”
वैशाली मालवीय: “स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना महिला उद्यमियों की ताकत है। हमें उन्हें मंच देना होगा।”
वर्षा सावला: “सृजन केवल उत्पादों का नहीं होता, यह विचारों, दृष्टिकोण और समाज के पुनर्निर्माण का भी होता है।”
प्रदर्शनी में उमड़ा जनसैलाब: दूसरे दिन की प्रदर्शनी में दिनभर भारी भीड़ देखने को मिली। सभी प्रदर्शक उत्साहित और अभिभूत नजर आए, क्योंकि उन्हें लगातार ऐसे आगंतुक मिल रहे हैं जो न केवल रुचि दिखा रहे हैं, बल्कि संभावित ग्राहक भी बन सकते हैं। यह प्रदर्शनी महिला उद्यमियों के लिए एक सशक्त व्यापारिक अवसर बनकर उभरी है, जहाँ नेटवर्किंग, ब्रांडिंग और बिक्री तीनों ही पहलुओं को मजबूती मिली।
निष्कर्ष: यह पैनल चर्चा और प्रदर्शनी महिला उद्यमिता के विविध पहलुओं को उजागर करने वाला एक प्रेरणादायक मंच साबित हुआ। वक्ताओं ने अपने अनुभवों से यह सिद्ध किया कि सपनों से सृजन तक की यात्रा कठिन जरूर है, लेकिन असंभव नहीं

