स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत, लघु उद्योग भारती महिला इकाई मुरैना ने MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) मिनिस्ट्री और राष्ट्रीय हैंडलूम एवं हेंडीक्राफ्ट के सहयोग से एक 6-सप्ताह का उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम BL मेडिकल सेंटर पर हुआ, जिसका उद्देश्य महिलाओं को उद्योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें घरेलू उद्योगों की स्थापना के लिए प्रेरित करना था।
इस कार्यक्रम के दौरान, महिलाओं को जूट से निर्मित भगवान की पोशाक और बच्चियों के लिए फ्रॉक बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। लघु उद्योग भारती महिला इकाई की कोषाध्यक्ष सुनीता बॉदिल, नीरू गुप्ता, कामिनी गुप्ता, और वंदना भदौरिया ने इस प्रशिक्षण का नेतृत्व किया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में सशक्त बनाना था, जिससे वे खुद के उद्योग स्थापित कर सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें।
यह कार्यक्रम स्वावलंबी भारत अभियान की भावना को सशक्त बनाता है, जहां महिलाओं को न केवल उद्योग से जोड़ने पर बल दिया गया, बल्कि उन्हें सृजनात्मक और व्यवसायिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाया गया।

