<p>लघु उद्योग भारती ब्यावर इकाई और दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में एक सेमिनार का आयोजन किया गया।<br>सेमिनार का विषय एमएसएमई को भुगतान से संबन्धित प्रावधान एवं बजट 2024 में आए नवीन प्रावधानों पर चर्चा करना था। सेमिनार के मुख्य वक्ता सीए अखिलेश मूँदडा जी थे।<br>सेमिनार के प्रारम्भ में सर्वप्रथम सीए आर. के. ओस्तवाल जी ने नवीन बजट 2024 के बारे में संक्षिप्त जानकारी उपलब्ध करवाई।उन्होने बताया कि चूंकि नवीन बजट एक पूर्ण बजट ना होकर एक अन्तरिम बजट है, इसलिए सामान्य करदाताओं के लिए कुछ विशेष बदलाव नहीं है।इस बजट में किसी प्रकार की टेक्स स्लेब का बदलाव नहीं किया गया है।<br>तत्पश्चात सीए अखिलेश मूँदड़ा जी ने आयकर अधिनियम की धारा 43B(h) के तहत एम.एस.एम.ई. को भुगतान से संबन्धित प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की।उन्होने इस धारा की कानूनी औपचारिकताओं और उससे संबंध में व्यवहार में इसे कैसे प्रयुक्त कर असुविधा से बचा जा सके, पर प्रोजेक्टर के माध्यम से उपस्थित साथी चार्टर्ड अकाउंटेंट और नगर के व्यवसायियों – उद्यमियों के संग साझा किया।<br>सेमिनार का मुख्य उद्देश्य इस बात की जानकारी प्रदान करना था कि इस धारा से किस प्रकार के उद्योगों पर लागू होगा, देय तिथि का निर्धारण कैसे होगा, सप्लायर के एमएसएमई एंटिटी की जानकारी कैसे होगी, देय तिथि पर भुगतान ना होने पर क्या कानूनी प्रभाव पड़ेगा जैसे अनेक बिन्दुओं की जानकारी देना था।<br>विस्तृत रूप से नियमो की जानकारी देने के पश्चात उपस्थित उधमियों की शंकाओ और प्रश्नों का विस्तृत प्रत्युत्तर देकर लाभान्वित किया।<br>कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष सचिन जी नाहर ने उपस्थित उद्यमियों और सी ए इंस्टीट्यूट के सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>

