लघु उद्योग भारती उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त एवं निदेशक उद्योग से की मुलाकात, औद्योगिक विकास पर चर्चा
लघु उद्योग भारती उत्तर प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, श्री के. विजेंद्र पांडियन से मुलाकात कर प्रदेश के औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
चर्चा के मुख्य बिंदु:
- एमएसएमई से सरकारी खरीद:
सरकारी विभागों और उपक्रमों द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) से खरीद प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सरल बनाने के सुझाव। - प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी:
औद्योगिक सब्सिडी योजनाओं, विशेष रूप से टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन फंड के अंतर्गत दी जाने वाली सुविधाओं पर चर्चा।
आयुक्त एवं निदेशक उद्योग ने जानकारी दी कि प्रदेश सरकार उन्नत तकनीक की खरीद के लिए मशीनरी के मूल्य का 50% (अधिकतम ₹5 लाख) तक का अनुदान प्रदान कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमियों को इस योजना का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए, क्योंकि सब्सिडी के लिए सरकार के पास फंड की कोई कमी नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्य:
भारत थर्ड (प्रदेश महामंत्री)
लाडली प्रसाद (वरिष्ठ उद्यमी)
परिणाम:
यह मुलाकात प्रदेश के औद्योगिक विकास और उद्यमियों के सशक्तिकरण के लिए सार्थक रही। प्रतिनिधिमंडल ने उद्यमियों को सब्सिडी योजनाओं और सरकारी नीतियों का लाभ उठाने के लिए जागरूक करने का आश्वासन दिया। इस प्रयास से न केवल तकनीकी उन्नति होगी, बल्कि प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
लघु उद्योग भारती उत्तर प्रदेश ने यह स्पष्ट किया कि वह उद्योगों के समग्र विकास और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर सक्रिय भूमिका निभाएगी।

