लघु उद्योग भारती दिल्ली प्रदेश पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात, दिल्ली के उद्यमियों की समस्याओं पर हुई गंभीर चर्चा
दिल्ली में नई सरकार के गठन के बाद लघु उद्योग भारती (LUB) दिल्ली प्रदेश पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल आज 17 मार्च 2025 को राज्य सचिवालय में दिल्ली की मुख्यमंत्री महोदया से औपचारिक भेंट के लिए पहुंचा। इस मुलाकात में दिल्ली के सूक्ष्म और लघु उद्यमियों से जुड़ी गंभीर समस्याएं और चुनौतियां मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गईं।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि पिछले कई वर्षों से दिल्ली के उद्यमी औद्योगिक प्लॉट्स के फ्रीहोल्ड न होने की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे उनके कारोबार में स्थायित्व नहीं आ पा रहा है। इसके अलावा, देश में सबसे महंगी बिजली दरों के कारण उद्योगों का तेजी से पलायन हो रहा है, जो दिल्ली की औद्योगिक पहचान और रोजगार को कमजोर कर रहा है।
LUB पदाधिकारियों ने दिल्ली में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए अनावश्यक प्रक्रियाओं को समाप्त करने की मांग रखी, जिसमें विशेष रूप से MCD फैक्ट्री लाइसेंस जैसी जटिलताओं को खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास हो और सरकारी भूमि का औद्योगिक विकास में उपयोग किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने औद्योगिक इकाइयों को पानी की भारी समस्या से अवगत कराते हुए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप MSME इकाइयों को 10 KLD भूजल उपयोग की अनुमति देने की मांग की।
मुख्यमंत्री महोदया ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सभी मुद्दों के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार उद्योगों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी।
इस महत्वपूर्ण प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष दीवान चंद गुप्ता, महासचिव मुकेश कुमार, उपाध्यक्ष वरुण मित्तल, संयुक्त महासचिव संजय गौर, तथा कार्यकारिणी सदस्य वीरेन्द्र नागपाल और सम्पत तोषनीवाल शामिल रहे।

