लघु उद्योग भारती महिला इकाई की ओर से महिलाओं और युवतियों के आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम रही। गर्मी की छुट्टियों का रचनात्मक उपयोग करते हुए आयोजित इस सत्र में न केवल कला और कौशल का प्रशिक्षण दिया गया, बल्कि प्रतिभागियों में आत्मविश्वास भी विकसित हुआ। फैब्रिक पेंटिंग और वेस्ट मटेरियल से सजावटी वस्तुएं बनाना जैसी गतिविधियाँ आज के समय में घरेलू उद्योगों और लघु व्यवसायों के लिए एक महत्वपूर्ण कौशल हैं। प्रशिक्षिका श्रीमती हेमलता कुमार जी के मार्गदर्शन में यह कार्यशाला सीखने के साथ-साथ उद्यमिता की संभावनाओं का द्वार खोलने वाली रही। कार्यक्रम में सहभागिता करने वाली महिलाओं ने इस प्रयास की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षणों की मांग की, जिससे महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सार्थक योगदान सुनिश्चित हो सके।

