औद्योगिक संस्था लघु उद्योग भारती और दैनिक जागरण के तत्वावधान में बुधवार को साइबर जागरूकता विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने साइबर क्राइम पर शहर के कारोबारियों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में साइबर क्राइम सबसे आम एवं सबसे खतरनाक स्वरूप ले रहा है। ऐसे में अनजान और स्पाम वाले नंबरों को रिसीव न करें। अगर कोई केवाइसी या किसी भी बहाने से आपसे आधार, पैन या ओटीपी पूछे तो तत्काल फोन काट दें। उन्होंने सीख दी कि जिस फोन में आपका यूपीआइ खाता जुड़ा हुआ है, उसे किसी को भी न दें। कई बार बच्चे फोन ले लेते हैं, इसी बीच वह किसी अनजान लिंक अथवा एप पर क्लिक कर देते हैं। इससे खाते से धनराशि गायब हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस अपराध के कोई भौतिक फुटप्रिंट नहीं आते हैं। डिजिटल फुटप्रिंट पर अपराधियों को पकड़ना बेहद मुश्किल होता है। फिर भी किसी भी समस्या के समय पुलिस आपके साथ खड़ी है।
अलीगढ़ रोड स्थित रामोजी रेस्टोरेंट में साइबर अपराध पर कार्यशाला का शुभारंभ एसपी ने दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने कारोबारियों को ओटीपी शेयर न करने, अवांछित लिंक पर क्लिक न करने, पासवर्ड मजबूत रखने, अनजान लोगों से आनलाइन दोस्ती न करने, ब्लैकमेलिंग के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान कारोबारियों ने अपने प्रश्न पूछे और उनका उत्तर स्वयं एसपी ने दिया। साइबर थाने के एसआइ सचिन चौधरी ने बताया कि स्मार्ट फोन को आप अपनी बैंकिंग (बैंक खाते) से अलग रखकर फ्राड से बच सकते हैं, क्योंकि स्मार्ट फोन में बैंकिंग सेवाओं से जुड़े कई एप होते हैं। खासकर मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी को लेकर ठग खाते को खाली कर देते हैं। अगर फोन को बैंकिंग से जुड़े मोबाइल नंबर को अलग रखेंगे तो ठग ओटीपी नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। साइबर थाना प्रभारी केशव दत्त शर्मा ने बताया कि साइबर क्राइम की दुनिया में 'डिजिटल अरेस्ट' ने अनेक लोगों को आर्थिक तौर पर भारी नुकसान पहुंचाया है। कहा कि आजकल बहुत सारे लोगों को काल आता है कि आपके नाम से एक पार्सल मिला है, जिसमें ड्रग्स, फर्जी पासपोर्ट, फर्जी सिम मिले हैं और काल करने वाला अपने आपको पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बन के वीडियो काल करता है। आप काल से इतने डर जाते हैं कि एक-एक करके जालसाजों द्वारा मांगी जा रही जानकारियों को उनसे साझा करते हैं। फिर वो आपसे ही मांगी गई जानकारी से आपको गिरफ्तारी का वारंट दे देता है और दो से तीन दिन डिजिटल अरेस्ट कर के रखता है। जब भी कभी के साथ ऐसा हो तो आप घबराएं नहीं, और ऐसे नंबरों को ब्लाक कर दें या फोन काट दें। आपकी जागरूकता ही आपको इस तरह की ठगी से बचा सकती है। कारोबारी देवेंद्र मोहता ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष नितिन वाष्णेय, मंडल अध्यक्ष नितिन अग्रवाल, राजाराम सोप, महामंत्री नितिन अग्रवाल सर्वेश्वर फूड, कोषाध्यक्ष वैभव मोहता, प्रदीप गोयल, बांके बिहारी अग्रवाल, कपिल अग्रवाल रतन कुमार, अनूप अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, राजा रंगीला, आंनद गोयल, विशाल अग्रवाल, लाला बाबू आदि मौजूद रहे।