शहर के उद्यमियों ने एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शहर से चमड़ा और होजरी उद्योग के चयनित किए जाने के बाद इंजीनियरिंग उद्योग को भी योजना से जोड़ने की मांग की है।
लघु उद्योग भारती की ओर से शारदानगर स्थित एक होटल में आयोजित वार्षिक सभा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि शहर में इंजीनियरिंग उत्पाद के लगभग 395 उद्योग कार्यरत हैं। 2021-22 के आंकड़ों के अनुसार इंजीनियरिंग सेक्टर में 1369.15 करोड़ का निर्यात भी हुआ है। ऐसे में इस सेक्टर को भी ओडीओपी में शामिल करें ताकि सेक्टर के साथ साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी और मजबूत हो।
वार्षिक सभा एवं उद्यमी महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम दास ओझा, प्रदेश अध्यक्ष मधुसूदन दादू, प्रदेश महामंत्री भरत और गौरव मित्तल मौजूद रहे। कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट आशीष बंसल ने नए बजट में आए हुए इनकम टैक्स एवं जीएसटी संबंधी नए प्रावधानों की जानकारी दी।
विभिन्न म्युचुअल फंड कंपनियों से आए हुए अधिकारियों ने निवेश के लिए फंड्स की जानकारी दी। अमन घई ने राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम दास ओझा से लघु उद्योगों में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। इनमें उद्योगों पर लागू गृहकर को आवासीय गृहकर के समान करने, लघु उद्योग भारती की ओर से कौशल विकास केंद्र संचालन के लिए जमीन आवंटन आदि की समस्याएं बताई गई जिस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निवारण का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन लाडली प्रसाद ने किया एवं धन्यवाद प्रस्ताव संदीप अरोरा ने दिया। इस दौरान हरेंद्र मूरजानी, संदीप अवस्थी, अजय गुप्ता, विपिन खुल्लर, अनुराग मालवीय, सलिल गुप्ता, पुनीत गुप्ता, श्रुति श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।