क्या है तुर्किए का स्थान मार्बल बाजार में?
देश में वर्तमान में लगभग 70% मार्बल तुर्किए से आयात होता है, जिसकी औसतन 8 करोड़ रुपए की दैनिक खपत केवल किशनगढ़ की फैक्ट्रियों में होती है। अफ्योन व्हाइट, बुरदुर बेज, एमिरडाग सिल्वर, कुटाह्या रेड जैसे मार्बल ब्रांड विशेष रूप से उपयोग में लिए जाते रहे हैं।
क्या हैं विकल्प?
लघु उद्योग भारती अध्यक्ष श्री उमेश गोयल ने बताया कि इटली का स्टैच्यूरियो और कैलाकट्टा मार्बल गुणवत्ता में तुर्किए से कहीं बेहतर है। इसके अतिरिक्त वियतनाम, स्पेन, ग्रीस, नामीबिया और क्रोएशिया जैसे देश भी बेहतर विकल्प प्रस्तुत करते हैं। इनसे आयात को बढ़ावा दिया जाएगा।
बैठक में रहे उपस्थित
अध्यक्ष श्री सुधीर जैन, उपाध्यक्ष श्री रमेश चांडक, महासचिव श्री शशिकांत पाटोदिया, सचिव श्री प्रदीप चांडक, संगठन सचिव श्री चेलाराम मुरावतिया, कोषाध्यक्ष श्री विनोद बांगड़ सहित अनेक प्रतिष्ठित व्यापारी उपस्थित रहे।
लघु उद्योग भारती किशनगढ़ को इस राष्ट्रहित और उद्योग-संवेदनशील निर्णय के लिए व्यापक सराहना मिल रही है।