<p>जोधपुर, 2 जनवरी (कास)। पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव का आयोजन 24 जनवरी से 4 फरवरी तक किया जाएगा। उत्सव में 600 से अधिक स्टॉल्स लगाई जाएगी, स्टॉल की बुकिंग प्रारंभ हो गई है। उधर, लघु उद्योग भारती का प्रतिनिधिमण्डल अखिल भारतीय संगठनमंत्री प्रकाशचन्द एवं अखिल भारतीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा के नेतृत्व मे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव के पोस्टर का विमोचन किया तथा उद्घाटन समारोह में आने की हामी भरी। जोधपुर प्रान्त अध्यक्ष महावीर चौपडा ने बताया कि इस मौके मुख्यमंत्री ने उत्सव मे उद्योगों से संबंधित विभाग जैसे उद्योग विभाग, रीको, विद्युत विभाग, प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड, श्रम विभाग, जीएसटी विभाग, फैक्ट्रीज एण्ड बॉयलर्स नगर निगम इत्यादि को विभागीय जानकारी देने, राज्य सरकार व केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने हेतु सहभागिता निभाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। प्रतिनिधिमण्डल ने राजस्थान मे उद्योगों के सामने आ रही विभिन्न समस्याओं व सुझावों से अवगत करते हुए प्रतिवेदन सौपा और उद्योगों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।</p><p>जिस पर उन्होने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। इस मौके केबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल, लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय सचिव नरेश पारीक, प्रदेश अध्यक्ष शांतिलाल बालड़, प्रान्त उपाध्यक्ष दीपक माथुर, प्रान्त संयुक्त महासचिव सुरेशकुमार विश्नोई, प्रान्त कोषाध्यक्ष नितिन सालेचा व पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र राठी उपस्थित थे। प्रथम दिन 160 से अधिक स्टॉलो का आरक्षण चौपड़ा ने बताया कि उत्सव के लिये स्टॉल आरक्षण जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र जोधपुर मे प्रारम्भ किया गया है। स्टॉल आरक्षण पहले आओ-पहले पाओं के आधार पर किया जा रहा है। प्रथम दिन 160 स्टॉलों का आरक्षण हुआ। जिसमें 3 गुणा 3 मीटर हस्तशिल्पियों, एक्सक्लूसिव, डॉम निर्मित एवं कॉर्पोरेट सेक्टर के लिये स्टॉलों का आरक्षण किया गया। सभी कॉर्नर स्टॉल आरक्षित कर दी गयी है। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र जोधपुर के महाप्रबंधक एसएल पालीवाल ने बताया कि सरकारी विभागों के प्राप्त आवेदन पर चार डॉम आरक्षित किये गये है। वहीं इच्छुक आवंटियों में राज्य के विभिन्न जिलों के अलावा कश्मीर, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड आदि राज्यों के उद्यमियों एवं हस्तशिल्पियों ने भी स्टॉल बुकिंग करवाई है। इसके अलावा राष्ट्रीय पटसन बोर्ड, केन्द्रीय ऊन विकास बोर्ड, विकास आयुक्त हस्तशिल्प, नाबार्ड, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड जैसे राजकीय संस्थानों ने भी अपने हस्तशिल्पियों के लिए डोम आरक्षित करने में रूचि दर्शायी है। इस दौरान उपायुक्त पूजा मेहरा, सहायक आयुक्त पूनम राठौड एवं लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी सुधीन्द्र दुग्गड, सुरेश मुथा, मीनू दुग्गड, केआरसी भण्डारी एवं नारायण सिंह गहलोत भी उपस्थित थे।</p>