लघुउद्योग भारती ” उद्योग हित- राष्ट्र हित “की भावना को देखते हुए अपना पूर्णतः समर्थन प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता को देता है।
लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष मधु सूदन दादू, महासचिव ओम प्रकाश गुप्ता व उपाध्यक्ष एडवोकेट अरविंद धूमल ने कहा कि राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जो चीजें भारत में बन सकती हैं, उन्हें आयात न करें, बल्कि देश में ही उत्पादन और उपभोग को प्राथमिकता दें।
उन्होंने “देश के अंदर बनाओ, देश में बेची” का संदेश दिया गया जिससे स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी। सूक्ष्म-लघु और कुटीर उद्योगों को आयकर छूट और 5 प्रतिशत जी एस टी स्लैब से छोटे-मोटे उद्योगों की क्रीमतें प्रतिस्पर्धी बनेंगी। गाँवों, कस्बों के कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प और घरेलू उत्पादन को भी नया बातार मिलेगा।
उक्त जानकारी सांझा करते हुए लघु उद्योग भारती जनसंचार बोर्ड उत्तर क्षेत्र के प्रभारी विक्रान्त शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री ने स्वदेशी बिक्री नैटवर्क के प्रति दुकानदारों को प्रोत्साहित किया कि वे स्वदेशी उत्पादों की बिक्री बढ़ाएं और अगली पीढ़ी की खरीद” में देशी विकल्पों को बढ़ावा दें।
इससे स्थानीय दुकानदार और छोटे कारोबारी मजबूत होंगे। “नेक्स्ट जेन क्वालिटी प्रोडक्शन” के लिए स्वदेशी उद्योगों को उत्पाद की गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक पर ध्यान देना होगा ताकि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का बड़ा संदेश यह है कि कर रियायतें, जी एस टी बचत केवल उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ही नहीं हैं, हैं, बल्कि एम.एस. एम.ई., सूक्ष्म और कुटीर उद्योगों को मजबूत करने, स्वदेशी खरीद को नई पीढ़ी की आदत बनाने और गुणवत्तापूर्ण भारतीय उत्पादन को वैश्विक पहचान देने का रोडमैप है। इन सभी से राष्ट्र आगे बढ़ेगा। इसमें लघु उद्योग भारती की एक विशेष भूमिका होगी।