लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से दिल्ली में मिले।
टीम का प्रतिनिधित्व अखिल भारतीय अध्यक्ष लघु उद्योग भारती घनश्याम ओझा, अखिल भारतीय महासचिव ओम प्रकाश गुप्ता, अखिल भारतीय फार्मा विंग प्रमुख डा. राजेश गुप्ता, महाराष्ट्र फार्मा विंग प्रमुख डा. रवलीन खुराना, मध्य प्रदेश फार्मा विंग प्रमुख अमित चावला, रसायन एवं वस्त्र उद्योग के आयातक रवि पोद्दार, अखिल भारतीय वस्त्र विंग प्रमुख महेश हुरकत ने किया। डा. राजेश गुप्ता जो हिमाचल प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं ने बताया कि वार्ता के दौरान स्वास्थ्य मंत्री से कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें प्रमुख तौर पर 50 करोड़ रुपए से कम टर्नओवर वाली एम.एस.एम.ई. फार्मा कंपनियों की सुरक्षा और बंद होने से बचाने के लिए संशोधित अनुसूचि एम. का विस्तार करने पर बात हुई। बैठक में अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों (97.3 फीसदी) की सराहना न किए जाने पर चिंता जताई।
भारत में एन. एस. क्यू. (नॉन स्टैंड क्वालिटी) मुद्दों और ब्रांड भारत पर प्रभाव के आधार पर अफ्रीकी बाजारों में अलर्ट से भारत को नुक्सान हो रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने डी.टी.ए.बी. में लघु उद्योग भारती के किसी प्रतिनिधि की नियुक्ति को स्वीकृति देने की बात दोहराई।
एन.डी.सी.टी. नियम 2019 कार्यान्वयन पूर्वव्यापी नहीं होना चाहिए, 2019 से पहले निर्मित निरंतर रिलीज फॉर्मूलेशन के लिए अनुमोदन सुरक्षित रखना चाहिए। आयात और घरेलू विनिर्माण के लिए ए.पी.आई., एक्सीपिएंट्स और सॉल्वेंट्स उद्योग पर मार्गदर्शन की आवश्यकता है। नड्डा ने संस्था के उस आग्रह को स्वीकृत कर लिया, जिसमें फॉस्कोस/ एफ. एस. एस. ए.आई. से संबंधित मुद्दे में लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।