लघु उद्योग भारती काशी इकाई द्वारा एक महत्वपूर्ण उद्यमी संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में बढ़ते क्रूड ऑयल एवं गैस संकट के कारण निर्यात (एक्सपोर्ट) में आ रही बाधाओं और उसके उद्योगों पर पड़ रहे व्यापक प्रभाव पर गहन चर्चा की गई। संगोष्ठी में उपस्थित उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बढ़ती लागत, सप्लाई चेन में व्यवधान और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता के कारण छोटे एवं मझोले उद्योगों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस अवसर पर श्री राजेश कुमार सिंह ने विशेष रूप से काशी की विश्वप्रसिद्ध बनारसी साड़ी एवं सिल्क उद्योग तथा भदोही के कालीन निर्माताओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इन पारंपरिक उद्योगों के सामने खड़ी चुनौतियों के समाधान हेतु ठोस मार्ग प्रशस्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि नीति स्तर पर सहयोग, निर्यात प्रोत्साहन और तकनीकी उन्नयन के माध्यम से इन उद्योगों को पुनः सशक्त बनाया जा सकता है।
संगोष्ठी का उद्देश्य उद्यमियों को जागरूक करना, उनके विचारों को साझा करना और सामूहिक रूप से समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना रहा, जिससे स्थानीय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिल सके।