इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के अंतरराष्ट्रीय प्रचार में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की ऐतिहासिक उपलब्धि
1200 वर्ग मीटर से अधिक स्टॉल बुकिंग, अत्याधुनिक स्टोन तकनीकों की खोज और चीनी कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित
Xiamen, 19 मार्च।
Xiamen Stone Fair, China में भाग लेते हुए भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के प्रचार-प्रसार और वैश्विक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। इस प्रतिनिधिमंडल में लघु उद्योग भारती (LUB) के राष्ट्रीय सचिव श्री नरेश पारीक, उपाध्यक्ष श्री नटवरलाल अजमेरा, वित्तीय सलाहकार श्री योगेश गौतम, प्रांत संयुक्त महामंत्री श्री सुरेश कुमार विश्नोई और सीडोस (CDOS) के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक श्री विवेक जैन शामिल रहे।
इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने चीन, अंगोला, ईरान, कंबोडिया, वियतनाम, तुर्की और इटली सहित कई देशों की प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए 1200 वर्ग मीटर से अधिक का प्रदर्शनी क्षेत्र बुक करवाया। यह बुकिंग इंडिया स्टोन मार्ट 2026 की वैश्विक स्तर पर प्रभावी उपस्थिति का प्रमाण बनेगी और भारत के पत्थर उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी।
उन्नत स्टोन तकनीकों का अवलोकन और संभावनाएं
प्रतिनिधिमंडल ने स्टोन उद्योग में हो रहे अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों का भी गहराई से अवलोकन किया। इनमें विशेष रूप से वायर कटिंग तकनीक, वॉटर जेट कटिंग, उन्नत CNC तकनीक, और प्राकृतिक पत्थरों पर कलर प्रिंटिंग जैसी नवीनतम विधियों को देखा गया। इन तकनीकों का उपयोग पत्थर उद्योग में गुणवत्ता, सटीकता और डिजाइन में क्रांतिकारी बदलाव लाने में सक्षम है।
इसके अतिरिक्त, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित रोबोटिक मशीनों ने भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का ध्यान आकर्षित किया। ये तकनीकें भविष्य में भारतीय स्टोन उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती प्रदान कर सकती हैं, साथ ही उत्पादन लागत में कमी और गुणवत्ता में सुधार लाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
चीनी कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण समझौता
भारत-चीन औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लघु उद्योग भारती (LUB) और ValueShown Management Company के बीच एक अहम समझौता हुआ, जिसके तहत इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में चीनी कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। यह समझौता चीन की टूल्स और मशीनरी कंपनियों के लिए भारत में संभावनाओं के द्वार खोलेगा।
हालांकि, भारतीय सरकार की वीजा नीति चीनी कंपनियों की भागीदारी में एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने है। यदि वीजा संबंधी प्रतिबंधों में ढील दी जाती है, तो यह सहयोग और भी सशक्त रूप में सामने आएगा और इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में चीन की भागीदारी ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच सकती है।
प्रवासी भारतीयों का योगदान
इस सफलता के पीछे श्री विकास शर्मा और श्री विष्णु शर्मा, दोनों प्रवासी भारतीयों का सराहनीय योगदान रहा। उन्होंने चीन में प्रतिनिधिमंडल के लिए समन्वय, बैठकों की व्यवस्था और स्थानीय सहयोग सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। उनके अथक प्रयासों के चलते यह रणनीतिक समझौता संभव हो सका।
निष्कर्ष
यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के लिए एक मजबूत वैश्विक मंच तैयार करेगी, बल्कि भारतीय स्टोन उद्योग को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित कर विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएगी। आने वाले समय में इस अंतरराष्ट्रीय रुचि और सहयोग से भारतीय स्टोन उद्योग के लिए नए अवसर और उज्जवल भविष्य के संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

