उद्योगों की आवाज़ बनी लघु उद्योग भारती आगरा : विद्युत दरों में प्रस्तावित वृद्धि का विरोध, तर्कों के साथ रखा गया सशक्त पक्ष
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के समक्ष आयोजित जनसुनवाई में लघु उद्योग भारती आगरा के जिलाध्यक्ष श्री विजय गुप्ता ने आगरा सहित प्रदेश के लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) की ओर से औद्योगिक विद्युत दरों में प्रस्तावित वृद्धि का तथ्यपूर्ण और सशक्त विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आयोग को स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश में पहले से ही बिजली दरें मध्य प्रदेश, राजस्थान व उत्तराखण्ड जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में कहीं अधिक हैं, और इसमें और बढ़ोतरी MSMEs की उत्पादन लागत, प्रतिस्पर्धात्मकता व निवेश माहौल को गहरा नुकसान पहुंचा सकती है। इससे न केवल उद्यमियों का मनोबल टूटेगा, बल्कि राज्य से उद्योगों के पलायन की स्थिति भी बन सकती है।
श्री गुप्ता ने यह भी रेखांकित किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य औद्योगिक वातावरण को सशक्त करना है, ऐसे में नियामक आयोग को सरकार की मंशा के अनुरूप एक सहायक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवा उद्यमियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पूंजी, अनुभव और संसाधनों की सीमाओं से जूझते इन नवोदित उद्यमियों को नरम और प्रोत्साहक नीतियों की जरूरत है।
उन्होंने दो प्रमुख सुझाव भी आयोग के समक्ष रखे:
अनिवार्य विद्युत आपूर्ति अनुबंध (गारंटी एग्रीमेंट) की अवधि को दो वर्षों से घटाकर छह माह किया जाए या समाप्त किया जाए ताकि नवाचार करने वाले नए उद्योग अधिक लचीलापन पा सकें।
समय पर भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को क्रेडिट स्कोर आधारित प्रोत्साहन व रियायतें दी जाएं जिससे विश्वसनीयता और भुगतान संस्कृति को बढ़ावा मिले।
यह संवाद केवल आंकड़ों का नहीं बल्कि उद्यमिता की जमीनी सच्चाइयों और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती आगरा के महासचिव श्री राजीव बंसल, कोषाध्यक्ष श्री संजीव जैन, तथा उपाध्यक्ष श्री शैलेश अग्रवाल भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे और उद्यमियों की आवाज़ को मजबूती प्रदान की।

