आज खैरथल-तिजारा जिले में पक्षियों के लिए जलसंरक्षण को समर्पित एक सुंदर पहल — पानी परिंडा वितरण अभियान — का शुभारंभ हुआ, जिसका आयोजन जिला प्रशासन खैरथल-तिजारा एवं लघु उद्योग भारती खैरथल इकाई के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस जनकल्याणकारी अभियान का उद्घाटन श्री किशोर कुमार, IAS, जिला कलेक्टर द्वारा लाला जय नारायण पांची देवी खंडेलवाल स्मृति उद्यान, पुरानी अनाज मंडी, खैरथल में दीप प्रज्वलन कर मां भारती को नमन करते हुए किया गया।
इस अवसर पर श्री किशोर कुमार ने माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के निर्देशों का उल्लेख करते हुए सभी अधिकारियों व नागरिकों से अपील की कि वे गर्मी के मौसम में पक्षियों की प्यास बुझाने हेतु धर्मार्थ भावना से परिंडे लगाने में सहभागी बनें। इस क्रम में उन्होंने जिले के सभी उपखंड अधिकारियों, नगर परिषद, पुलिस लाइन एवं पुलिस थानों को परिंडे वितरित किए, जिससे यह अभियान पूरे जिले में फैले।
कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती खैरथल इकाई के अध्यक्ष श्री देवेंद्र कुमार शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए प्रशासन से अनेक महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं – जैसे खैरथल तहसील में उपखंड कार्यालय की स्थापना, लघु उद्योगों के भू-रूपांतरण, नाम परिवर्तन व उपविभाजन जैसे कार्यों की मासिक समीक्षा, ताकि उद्यमियों को बैंक ऋण शीघ्रता से मिल सके। उन्होंने जिला पुलिस से रात्री गश्त रिपोर्ट और बिट सिस्टम चार्ट को ट्विटर पर अपलोड करने तथा सार्वजनिक बोर्डों पर प्रदर्शित करने की मांग की, जैसा कि जयपुर, जोधपुर और भिवाड़ी जिलों में किया जाता है।
विशिष्ट अतिथि व इकाई संरक्षक श्री नवल किशोर झालानी ने समापन में सभी अतिथियों व सहभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पार्क में उनके माता-पिता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया, जिससे कार्यक्रम को धार्मिक और आध्यात्मिक भाव से भी जोड़ा गया।
समारोह में अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री शिवपाल जाट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रतनलाल भार्गव, नगर परिषद आयुक्त श्री मुकेश शर्मा, PRO श्री अतर सिंह, AEn श्री मोतीलाल वर्मा, जिले के सभी उपखंड अधिकारी, नगर परिषद उपाध्यक्ष वरुण डाटा, पार्षदगण, लघु उद्योग भारती के कार्यकारिणी सदस्य एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम न केवल पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा बना, बल्कि प्रशासन, समाज और उद्योग जगत के सामूहिक प्रयासों की एक सुंदर मिसाल भी प्रस्तुत की।

