छतरपुर में आयोजित लघु उद्योग भारती महाकौशल प्रांत उद्यमी सम्मेलन ने क्षेत्र के उद्यमियों को अपनी समस्याओं को साझा करने और उनके समाधान के लिए एक मजबूत मंच प्रदान किया। इस सम्मेलन में महाकौशल प्रांत के 24 जिलों के उद्यमी शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय प्रतिनिधि ताराचंद गोयल (कोटा, राजस्थान) ने की। अन्य प्रमुख उपस्थित अतिथियों में प्रांत कार्यवाहक उत्तम बनर्जी (संपर्क सतना), प्रदेश अध्यक्ष राजेश मिश्रा (पीतमपुरा), प्रदेश महामंत्री अरुण सोनी (कटनी), महाकौशल प्रांत अध्यक्ष अनिल बसवानी, और महिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सीमा मिश्रा शामिल थे।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य उद्योगों में आने वाली समस्याओं को समझना और उनका समाधान निकालने के लिए रणनीति बनाना था। इसमें महिला उद्यमियों को सशक्त करने के लिए महिला कार्यकारिणी के गठन पर जोर दिया गया, और इस दिशा में एक संयोजक नियुक्त किया गया। उद्यमियों ने वित्तीय सहायता, तकनीकी सुधार, सरकारी नीतियों में संशोधन, और बाजार तक पहुंच जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इन समस्याओं को प्रदेश स्तर पर उठाकर, नीतिगत बदलावों के माध्यम से समाधान निकालने की आवश्यकता पर सहमति बनी।
सम्मेलन में यह भी तय किया गया कि महाकौशल प्रांत के सभी 24 जिलों में लघु उद्योग भारती की इकाइयों को सशक्त किया जाएगा, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिले। महिला उद्यमिता को विशेष प्रोत्साहन देने के लिए महिला कार्यकारिणी का गठन एक महत्वपूर्ण कदम माना गया।
यह सम्मेलन संगठन के विस्तार और उद्योगों के विकास के लिए एक नई शुरुआत साबित हुआ। गिरीश दुबे, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, छतरपुर ने इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी उद्यमियों और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने न केवल उद्योगों की समस्याओं को हल करने का रास्ता दिखाया, बल्कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।

