लघु उद्योग भारती टेक्सटाइल उत्पाद समूह बैठक – विस्तृत विवरण
आज दिनांक 15 जून 2025 को नई दिल्ली स्थित विश्वकर्मा भवन, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर लघु उद्योग भारती के टेक्सटाइल उत्पाद समूह की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। यह बैठक पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश मित्तल के सानिध्य में एवं चित्तौड़ प्रांत अध्यक्ष श्री महेश हुरकट के संयोजकत्व में सम्पन्न हुई। इस बैठक में देशभर से टेक्सटाइल क्षेत्र के प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में स्पिनिंग, वीविंग, प्रोसेसिंग, गारमेंट, आयात-निर्यात, स्किल डेवलपमेंट, टेक्नोलॉजी एवं रिसर्च, मार्केटिंग, और सरकारी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान श्री महेश हुरकट ने टेक्सटाइल उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि PTA और FDY पर लगाए गए QCO (Quality Control Order) को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा 22 जून 2023 को लगाए गए QCO के कारण POY और FDY का आयात तो कम हुआ, लेकिन कपड़े का आयात तेजी से बढ़ा, जिससे ट्रैक्चरिसिंग, वीविंग और प्रोसेसिंग जैसी घरेलू इकाइयों को कार्य नहीं मिल पाया। उनका सुझाव था कि QCO रॉ मटेरियल से हटाकर कपड़े पर लगाया जाए ताकि स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत में POY और PTA की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में लगभग 10% अधिक हैं, जिससे अंतिम उत्पाद की लागत बढ़ जाती है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में हम पिछड़ जाते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि यदि सरकार अंतरराष्ट्रीय दरों पर PTA उपलब्ध करवा दे, तो भारतीय उद्योग विश्व प्रतिस्पर्धा में सफलता पूर्वक आगे बढ़ सकता है।
बैठक में अन्य वक्ताओं ने भी विविध मुद्दों पर उपयोगी सुझाव दिए:
समीर खन्ना (अमृतसर) ने वूलन फैब्रिक और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने हेतु सुझाव दिए।
रवि पोद्दार (मध्यप्रदेश) ने केंद्र सरकार से मांग की कि राज्य सरकार की तरह केंद्र भी नए कर्मचारियों के लिए 6 महीने का मानदेय सब्सिडी के रूप में दे ताकि गारमेंट उद्योग को गति मिले।
विजय मुतगुड़ (बेलगाम) ने बताया कि कॉटन पर MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाने से उद्योगों में समस्या उत्पन्न हो रही है, सरकार को इसके स्थान पर उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
पल्लवी लढ़ा (भीलवाड़ा महिला इकाई अध्यक्षा) ने निर्यात संवर्धन से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
मधुसूदन दादू (नोएड़ा) ने टेक्सटाइल मशीनरी के घरेलू निर्माण की जानकारी दी और सुझाव दिया कि लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों को विभिन्न सरकारी टेक्सटाइल बोर्डों, कमेटियों और काउंसिलों में मनोनीत किया जाए ताकि सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचे।
पवन सिंघल (नोएड़ा) ने गारमेंट एक्सपोर्ट के विषय में उपयोगी सुझाव साझा किए।
रवि जाजू ने टेक्निकल टेक्सटाइल विषय पर सुझाव देते हुए कहा कि प्रदर्शनी, मेला, सेमिनार और ऑनलाइन कार्यक्रमों के माध्यम से इसकी जानकारी ग्रामीण स्तर तक पहुंचाई जाए, साथ ही GeM पोर्टल व सभी सरकारी योजनाओं से टेक्सटाइल उद्योग को जोड़ने की रणनीति बनाई जाए।
यह बैठक टेक्सटाइल उद्योग की जमीनी समस्याओं को समझने, सरकार तक उचित सुझाव पहुंचाने और भारत को टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हुई।

