दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों की बैठक में लघु उद्योगों की समस्याओं पर हुई गंभीर चर्चा
दिल्ली के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों – बवाना, वज़ीरपुर, मादीपुर आदि – के उद्यमियों और प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें लघु उद्योगों से जुड़े अहम मुद्दों जैसे Freehold नीति, कौशल विकास, MSME भुगतान में देरी और Ease of Doing Business पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निम्न मांगें रखी गईं:
सभी संबंधित विभागों में लघु उद्योग भारती (LUB) की स्थायी भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
लेबर एवं टैक्सेशन विभाग में व्याप्त "इंस्पेक्टर राज" को समाप्त कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
बवाना, वज़ीरपुर और मादीपुर जैसे क्षेत्रों में क्लस्टर विकास एवं स्किल सेंटरों की स्थापना की जाए।
MSME भुगतान संबंधी मामलों में "समाधान पोर्टल" पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उद्यमियों ने यह स्पष्ट किया कि दिल्ली में लघु उद्योगों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं, पारदर्शी नीतियाँ और उद्योग-हितैषी वातावरण की आवश्यकता है, जिससे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस प्रगति की जा सके।

