लघु उद्योग भारती, बोरानाडा इकाई द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
लघु उद्योग भारती, बोरानाडा इकाई ने रिको लिमिटेड, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, जोधपुर तथा विभिन्न बैंकर्स के सहयोग से ईपीसीएच ट्रेड फैसिलिटी सेंटर, बोरानाडा में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों को उद्योगों से संबंधित समस्याओं, सुझावों और केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यशाला में रीको बोरानाडा के उपमहाप्रबंधक श्री विनीत गुप्ता ने प्रत्यक्ष भू-आवंटन योजना एवं रीको की अन्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, जोधपुर के महाप्रबंधक श्री एस.एल. पालीवाल ने राज्य सरकार की विभिन्न सब्सिडी योजनाओं को साझा करते हुए उद्यमियों को उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, जिला उद्योग अधिकारी श्री ओमप्रकाश चौधरी ने पॉवरपॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर बोरानाडा इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने रीको को बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और सुझावों का प्रतिवेदन सौंपा। इसमें प्रत्यक्ष आवंटन योजना के अंतर्गत आवंटित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली और पानी का विकास न होने की समस्या उजागर की गई। प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि ये समस्याएँ निर्धारित समय सीमा में दूर की जाएँ ताकि उद्यमी अपने उद्योग की स्थापना कर उत्पादन प्रक्रिया प्रारंभ कर सकें।
प्रदेश उपाध्यक्ष श्री महावीर चौपड़ा ने उद्यमियों और सरकारी विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बोरानाडा इकाई के उपाध्यक्ष श्री गिरीश मेहता ने उपस्थित अतिथियों और सदस्यों का स्वागत करते हुए ‘‘विकसित भारत अभियान 2047‘‘ में उद्योगों के योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान उद्यमियों की उद्योगों से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
कार्यशाला में नए सदस्यों का दुपट्टा ओढ़ाकर और सदस्यता प्रमाण पत्र देकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती और भगवान विश्वकर्मा के समक्ष माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यशाला के अंत में सचिव श्री थानाराम चौधरी ने पधारे अतिथियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जोधपुर प्रांत पदाधिकारीगण, बोरानाडा इकाई के पदाधिकारी एवं सदस्य और अनेक गणमान्य उद्यमी उपस्थित रहे।

