लघु उद्योग भारती वागड़ क्षेत्र की कार्यकारिणी का संयुक्त सम्मेलन सागवाड़ा में संपन्न
आज सागवाड़ा में लघु उद्योग भारती वागड़ क्षेत्र (डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सागवाड़ा, केशरियाजी, आसपूर) की संयुक्त कार्यकारिणी बैठक प्रदेश महामंत्री योगेन्द्र जी शर्मा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में सागवाड़ा इकाई के अध्यक्ष मुकेश तेली ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रांत संयुक्त सचिव पवन जैन ने लघु उद्योग भारती की स्थापना, उद्देश्य एवं मासिक बैठकों के महत्व पर जानकारी साझा की। उन्होंने विशेष रूप से मासिक बैठकों के अनिवार्य आयोजन के फायदे बताते हुए कहा कि यह उद्योगों के समन्वय और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रांत संयुक्त सचिव हंसमुख पंड्या ने संगठन की उपयोगिता एवं सदस्यों के आपसी परिचय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पारस्परिक सहयोग से उद्योगों को मजबूती मिलेगी। वहीं, प्रदेश महामंत्री योगेन्द्र जी शर्मा ने वागड़ क्षेत्र में लघु उद्योग भारती की चार नई इकाइयों के गठन की घोषणा करते हुए, विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को छोटे-छोटे रोजगार प्रकल्पों से जोड़ने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, जनजातीय समुदाय में कुपोषण, कुटुंब प्रबोधन एवं स्वास्थ्य से संबंधित कार्ययोजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, ताकि सामाजिक एवं आर्थिक विकास को एक नई दिशा दी जा सके। सम्मेलन के खुले सत्र में सभी इकाइयों के अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को साझा किया। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि प्रत्येक तीन महीने में वागड़ क्षेत्र की कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन सागवाड़ा इकाई के संरक्षक कांतिलाल पाटीदार द्वारा किया गया। इस संयुक्त बैठक ने वागड़ क्षेत्र में लघु उद्योग भारती के प्रभावी विस्तार एवं क्षेत्रीय औद्योगिक विकास की दिशा में एक मजबूत नींव रखी, जिससे भविष्य में अधिक संगठित प्रयासों की संभावना को बल मिला।

