राजस्थान के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री राज्यवर्धन राठौड़ ने कोटा में आयोजित स्टोनमार्ट संगोष्ठी 3 में भाग लिया, जिसमें लघु उद्योग भारती, नीति-निर्माता और पत्थर उद्योग से जुड़े उद्यमी सक्रिय रूप से उपस्थित थे। यह संगोष्ठी इंडिया स्टोनमार्ट और स्थानीय उद्योगों के बीच एक सेतु का कार्य कर रही थी, जिससे उद्योगों को नए अवसर, सहयोग और मार्गदर्शन मिला।
संगोष्ठी में MSME सशक्तिकरण पर गहन विचार-विमर्श हुआ। तीन प्रमुख आयामों पर विशेष चर्चा की गई—व्यावसायिक प्रोत्साहन (ISM) के तहत उद्योगों को सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता से जोड़ने के उपाय, तकनीकी उन्नयन (GSTF) के माध्यम से उत्पादन प्रक्रिया में सुधार और आधुनिक तकनीक अपनाने की रणनीतियाँ, तथा नीति एवं विवाद समाधान (EODB) के जरिए उद्योगों से जुड़े नियम, नीतियाँ और विवाद समाधान के त्वरित उपाय।
कार्यक्रम में उद्योगपतियों ने अपनी चुनौतियों और सुझावों को सीधे नीति-निर्माताओं के सामने रखा, जिससे नीति निर्माण में वास्तविक ज़मीनी अनुभवों को शामिल करने का अवसर मिला। लघु उद्योग भारती और इंडिया स्टोनमार्ट ने इस अवसर पर दोहराया कि उनका संकल्प है:
“नीति से समाधान, तकनीक से प्रगति और व्यवसाय के लिए प्रोत्साहन।”
इस संगोष्ठी ने न केवल उद्योग और नीति-निर्माताओं के बीच संवाद को सुदृढ़ किया, बल्कि स्थानीय पत्थर उद्योग के व्यवसायिक माहौल को सशक्त बनाने और नए निवेश अवसरों को जन्म देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उद्यमियों ने इसे एक प्रेरक मंच बताया, जहाँ उन्हें नवीनतम तकनीक, नीति समर्थन और व्यवसायिक प्रोत्साहन की जानकारी सीधे प्राप्त हुई।

