लघु उद्योग भारती, अलवर की मासिक बैठक दिनांक 18 अप्रैल 2025 को सीबा मसाला उद्योग प्राइवेट लिमिटेड, अलवर परिसर में आयोजित की गई, जिसमें संगठन के अनेक सक्रिय सदस्यों की उपस्थिति ने इसे सार्थक और विचारोत्तेजक बना दिया। इस बैठक में श्री राजेश गुप्ता, श्री संदीप गुप्ता, श्री देवेंद्र अग्रवाल, श्री शशांक झालानी, श्री पंकज द्विवेदी, श्री विनोद अग्रवाल एवं श्री राहुल गुप्ता सहित कई वरिष्ठ सदस्यों ने भाग लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। बैठक में अलवर जिले के औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।
सबसे पहले, जिले में परिवहन विभाग से संबंधित समस्याओं पर विचार हुआ, विशेषकर फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए अधिकृत केंद्रों की कमी को लेकर उद्यमियों को हो रही असुविधा पर चिंता व्यक्त की गई। इस संदर्भ में परिवहन विभाग को एक ज्ञापन भेजने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक क्षेत्रों में बार-बार पावर ट्रिपिंग और अस्थिर बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर सदस्यों ने नाराजगी जताई और इस विषय में बिजली विभाग को शिकायत भेजने पर सहमति बनी।
एक और अहम मुद्दा था – नगर निगम द्वारा जारी किए जा रहे शहरी विकास कर (Urban Development Tax) नोटिस। कई उद्यमियों को अचानक मिले नोटिसों के कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस पर चर्चा करते हुए संगठन ने तय किया कि इस विषय में एक समन्वय बैठक नगर निगम के अधिकारियों के साथ आयोजित की जाएगी ताकि उचित समाधान निकाला जा सके।
बैठक में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रोज़गार मेले के आयोजन पर भी विचार हुआ। अलवर जिला प्रशासन के सहयोग से यह मेला आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय उद्योगों को कुशल जनशक्ति और बेरोजगार युवाओं को उचित अवसर मिल सकेगा।
अंत में, लघु उद्योग भारती के स्थापना दिवस (25 अप्रैल 2025) को भव्य रूप से मनाने के लिए दो प्रमुख कार्यक्रमों की घोषणा की गई – स्वैच्छिक रक्तदान शिविर और नए कौशल विकास केंद्र के उद्घाटन समारोह का आयोजन। इन दोनों कार्यक्रमों को जनभागीदारी से सफल बनाने हेतु सभी सदस्यों से सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया गया।
बैठक पूर्णतः सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक वातावरण में सम्पन्न हुई, जिसमें सभी सदस्यों ने संगठन की आगामी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। यह बैठक अलवर इकाई की सक्रियता, सजगता और स्थानीय MSMEs के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनी।

