स्वावलंबी भारत अभियान के तहत स्व. नौबतराम जी गोयल (इंडियन इस्पात ग्रुप रायपुर) की स्मृति में दुर्ग जिले के उरला स्थित शांति नगर, यादव भवन में महिलाओं के लिए 4 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नहाने का साबुन, फिनायल, डिश वाश, शैम्पू, फ्लोर क्लीनर, हैंड वाश, टॉयलेट क्लीनर और कपड़ा धोने का साबुन बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के दुर्ग चेयरमैन पवन बड़जात्या, युवा उद्यमी शरद बाफना और महिला इंटरप्रेनर सुश्री हेमा देवांगन ने प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचकर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।
पवन बड़जात्या ने कहा कि प्रशिक्षण में सीखे गए उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें ताकि ग्राहकों को एक बार ऑर्डर मिलने के बाद पुनः ऑर्डर मिल सके। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे व्यापारियों और महिलाओं के बीच एक सेतु का काम करेंगे ताकि उन्हें अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार मिल सके।
स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत सह समन्वयक संजय चौबे ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत रायपुर के इंडियन इस्पात ग्रुप के डायरेक्टर विजय गोयल ने अपने पिता की स्मृति में इस शिविर का आयोजन कराया, जिससे प्रेरित होकर अन्य उद्यमी भी अपने परिजनों की स्मृति में ऐसे शिविरों की शुरुआत कर रहे हैं। भविष्य में इन शिविरों को दूरदराज के गांवों तक ले जाकर महिलाओं को स्वावलंबन के लिए प्रेरित किया जाएगा।
चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान रोजमर्रा के उपयोग में आने वाले उत्पादों का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे महिलाएं कम पूंजी में घर बैठे ही अपने परिवार के साथ मिलकर इन उत्पादों का निर्माण कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकती हैं। यह अभियान उरला की महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

