मएसएमई कार्यशाला: उद्योग सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त पहल
अलीगढ़ में एमएसएमई आगरा एवं लघु उद्योग भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला ने स्थानीय उद्योगों को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की। होटल मेलरोज इन में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसने ज्ञान और विकास के मार्ग को प्रकाशित करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में उद्योग, बैंकिंग और बौद्धिक संपदा से जुड़े विशेषज्ञों की उपस्थिति ने इसे अत्यंत महत्वपूर्ण बना दिया।
कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने उद्योगों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) पर विस्तृत जानकारी देते हुए श्री विकास सोनी ने उद्यमियों को अपने नवाचारों की सुरक्षा के महत्व को समझाया। वहीं, सिडबी के डिवीजनल मैनेजर श्री हर्षित अग्रवाल ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला, जिससे उद्यमियों को विकास के नए अवसरों की जानकारी मिली।
बैंकिंग क्षेत्र से आए विशेषज्ञ श्री अशोक सोनी ने केनरा बैंक की नवीन योजनाओं की जानकारी देते हुए उद्योगों के लिए वित्तीय सहयोग के विकल्पों को स्पष्ट किया। इसके साथ ही, महाप्रबंधक उद्योग विभाग श्री एस.पी. यादव ने भारत सरकार की नवीन औद्योगिक नीतियों एवं योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए उद्यमियों को इनका अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के संयुक्त महामंत्री (उ.प्र.) डॉ. गौरव मित्तल ने संगठन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि लघु उद्योग भारती, भारत सरकार के साथ मिलकर एमएसएमई क्षेत्र के विस्तार और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे इन योजनाओं और अवसरों का लाभ उठाकर अपने उद्योगों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।
कार्यक्रम का प्रारंभ शाखा अध्यक्ष श्री योगेश गोस्वामी द्वारा गायत्री मंत्र के साथ किया गया, जिससे पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। कार्यक्रम का संचालन श्री तरुण सक्सेना ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि अंत में सचिव श्री ललेश सक्सेना ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में उद्यमियों एवं संगठन के सदस्यों की उपस्थिति ने यह दर्शाया कि क्षेत्र में उद्योगों के विकास और ज्ञान-विनिमय के प्रति गहरी रुचि और उत्साह है। यह आयोजन न केवल जानकारी प्रदान करने का माध्यम बना, बल्कि नेटवर्किंग और सहयोग के नए अवसर भी लेकर आया।


