उदयपुर में आयोजित संगोष्ठी: उद्योग, पर्यावरण और खनिज क्षेत्र में संवाद का नया मंच — इंडिया स्टोनमार्ट 2026
उदयपुर, 7 अगस्त 2025 – होटल लाभ गढ़ पैलेस में उद्योग, वन एवं पर्यावरण तथा खान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में इंडिया स्टोनमार्ट 2026 की प्रगति एवं नीति संवाद हेतु एक उच्चस्तरीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इस संगोष्ठी का उद्देश्य नीति निर्माण, उद्योग जगत की समस्याओं पर सीधा संवाद एवं समाधान के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच पुल का कार्य करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् से हुआ, जिसके पश्चात् प्रमुख वक्ताओं ने इंडिया स्टोनमार्ट 2026, MSME नीतियों एवं पर्यावरणीय पक्षों पर विचार प्रस्तुत किए।
इंडिया स्टोनमार्ट की यात्रा: नीति, नीयत और नेता के बल पर वैश्विक पहचान की ओर
श्री नरेश पारीक, राष्ट्रीय सचिव, लघु उद्योग भारती ने कहा कि देश की प्रगति तीन तत्वों पर निर्भर करती है – नीति, नीयत और नेता। उन्होंने बताया कि लघु उद्योग भारती के अंतर्गत लगभग 2200 सदस्य पत्थर उद्योग से जुड़े हुए हैं, और इसी कारण इंडिया स्टोनमार्ट को एक सशक्त वैश्विक मंच बनाने के उद्देश्य से RIICO और CDOS के साथ MoU निष्पादित किया गया है।
श्री नटवरलाल अजमेरा, संयोजक इंडिया स्टोनमार्ट 2026 ने बताया कि लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने इटली के मारमोमैक स्टोन फेयर का दौरा किया था और विभिन्न देशों में इंडिया स्टोनमार्ट का प्रचार किया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल से मिलकर उन्हें स्टोन मार्ट में आने का न्यौता दिया गया है और बायर प्रोग्राम के संदर्भ में सकारात्मक चर्चा हुई है।
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष श्री घनश्याम ओझा ने कहा कि MSME की शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि देश की 35% GDP और 48% निर्यात MSME सेक्टर से आता है। उद्योग मंत्री श्री के.के. विश्नोई ने सरकार की उपलब्धियों को साझा किया और पत्थर उद्योग पर GST को 28% से घटाकर 18% पर बनाए रखने के प्रयासों की जानकारी दी।
विधायक श्री ताराचंद जैन ने घोषणा की कि उदयपुर में शीघ्र ही एक कौशल विकास केंद्र की स्थापना की जाएगी। संगोष्ठी में तीन प्रमुख सत्र आयोजित किए गए: उद्योग सत्र, वन, पर्यावरण एवं खनिज सत्र, जिसमें अधिकारियों और उद्यमियों ने अपने विचार रखे और मुद्दों पर चर्चा की।
निष्कर्ष
इस संगोष्ठी ने सरकार, उद्योग और समाज के बीच संवाद की एक सशक्त परंपरा को जन्म दिया है, जिसमें नीति निर्माण से लेकर क्रियान्वयन तक सभी पक्षों की सक्रिय सहभागिता रही। इंडिया स्टोनमार्ट 2026 न केवल एक व्यापारिक आयोजन है, बल्कि यह राजस्थान के पत्थर उद्योग को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठा दिलाने का एक प्रभावशाली अभियान बनकर उभर रहा है।

