पिछले कुछ दिनों से टाटानगर रेलवे स्टेशन पर पार्किंग व्यवस्था को लेकर यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय व्यापारियों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा था। विशेषकर पार्किंग शुल्क में अचानक की गई वृद्धि और ड्रॉपिंग टाइम की सख्ती से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। जनसरोकार से जुड़े इस अहम मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए लघु उद्योग भारती की टीम ने रेलवे प्रशासन से संवाद स्थापित किया और समाधान की दिशा में सक्रिय पहल की। आज इसी संदर्भ में टाटानगर रेलवे स्टेशन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें रेलवे प्रशासन, सांसद प्रतिनिधि और लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
बैठक में प्रमुख रूप से पार्किंग शुल्क में हुई असंगत वृद्धि, टिकट रहित वाहनों पर जुर्माने की प्रक्रिया, और यात्रियों के लिए दिए जा रहे ड्रॉपिंग टाइम को लेकर चर्चा की गई। यात्रियों की सुविधा और स्टेशन की कार्यकुशलता के संतुलन को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने ड्रॉपिंग टाइम को 10 मिनट से बढ़ाकर 12 मिनट करने की सहमति जताई, जिससे आने-जाने वाले यात्रियों को थोड़ी राहत मिलेगी। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि पार्किंग शुल्क निर्धारण में पारदर्शिता लाई जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के परिवर्तन से पहले स्थानीय संगठनों और जनता से राय ली जाए।
इस बैठक में रेलवे प्रशासन की ओर से स्टेशन मास्टर श्री सुनील कुमार जी अपने सहयोगियों सहित उपस्थित रहे, वहीं जनप्रतिनिधि के रूप में सांसद प्रतिनिधि श्री संजीव जी ने लोगों की भावनाओं को मजबूती से रखा। लघु उद्योग भारती की ओर से झारखंड प्रांत प्रभारी व राष्ट्रीय सचिव श्री इंद्र अग्रवाल जी ने संगठन का पक्ष रखते हुए स्थानीय उद्यमियों और नागरिकों की समस्याओं को विस्तार से रखा। साथ में सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष श्री विनोद शर्मा जी, महासचिव श्री स्वप्न मजूमदार जी, उपाध्यक्ष श्री मनोज सहाय जी, श्री विकास चंद्र और श्री सुबोध जी ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दी।
बैठक न केवल समाधान की ओर एक सकारात्मक कदम रही, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि संवाद और सहभागिता के माध्यम से किसी भी सार्वजनिक मुद्दे को प्रभावी रूप से हल किया जा सकता है। लघु उद्योग भारती की यह पहल स्थानीय जनहित में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करती है।

