उद्यमी संवाद: नई उम्मीदों की शुरुआत
दिल्ली के छोटे उद्यमियों के लिए यह दिन एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करने वाला साबित हुआ। लंबे समय से लघु उद्योग भारती दिल्ली के उद्यमियों की समस्याओं को विभिन्न मंचों पर उठाती रही है। ईश्वर की कृपा और महामहिम उपराज्यपाल श्री विनय सक्सेना जी के प्रयासों से यह मुमकिन हुआ कि दिल्ली के उद्योग प्रतिनिधियों को राजनिवास में संवाद के लिए आमंत्रित किया गया। इस संवाद में DSIIDC, दिल्ली नगर निगम, और बिजली विभाग समेत विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान, उद्यमियों ने अपने मुद्दों को खुलकर रखा। इनमें औद्योगिक प्लॉट को फ्रीहोल्ड न किया जाना, औद्योगिक क्षेत्रों में अतिक्रमण और नारकीय स्थिति, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव, और अप्रासंगिक फैक्ट्री लाइसेंस जैसी समस्याएं शामिल थीं। DSIIDC के MD ने रिलोकेशन स्कीम 1996 के तहत फ्रीहोल्ड योजना पर विचाराधीन जानकारी दी, वहीं निगमायुक्त ने लाइसेंस सरलीकरण के प्रयासों और प्रॉपर्टी टैक्स नोटिसों पर रोक लगाने की घोषणा की। बिजली विभाग ने PPAC चार्ज को 43% से घटाकर 20% करने और अन्य सरचार्ज की समीक्षा शुरू करने की जानकारी दी।
महामहिम उपराज्यपाल ने औद्योगिक क्षेत्रों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि भविष्य में संवाद को नियमित रखा जाएगा और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर खेद जताया कि जहां उद्यमियों को नई तकनीकों और विस्तार योजनाओं पर चर्चा करनी चाहिए, वहीं उन्हें बुनियादी सुविधाओं की कमी पर बात करनी पड़ रही है।
यह संवाद उद्यमियों की समस्याओं को सुर्खियों में लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसे सफल बनाने में श्री अनिल गुप्ता जी का योगदान सराहनीय रहा। लघु उद्योग भारती का यह प्रयास, दिल्ली के उद्यमियों के लिए निर्णायक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।

