पाली मॉडल : स्वावलंबन और स्वरोजगार की नई मिसाल
पाली, राजस्थान — लघु उद्योग भारती ने पाली में कई वर्षों से स्वावलंबन एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकल्पों पर कार्य किया है। इन प्रयासों के अंतर्गत अब तक 15,000 से अधिक लोगों को सीधा रोजगार प्राप्त हुआ है।
लघु उद्योग भारती के मीडिया प्रभारी ललित मालू ने जानकारी दी कि पाली आगमन पर केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने संगठन द्वारा चलाए जा रहे विविध प्रकल्पों का अवलोकन किया।
हेमावास गाँव में उन्होंने चूड़ी पर नगीने लगाने की मशीन देखी, जिस पर एक साथ 10-15 महिलाएँ कार्य करती हैं। इस मशीन ने कार्य को अधिक तेज़, सरल और रोजगारपरक बना दिया है।
इसके बाद वे नया गाँव रिको औद्योगिक क्षेत्र पहुँचे, जहाँ उन्होंने बिना किसी केमिकल के प्रयोग से बनने वाले मिट्टी के कुल्हड़ निर्माण की प्रक्रिया देखी। रेल मंत्री ने इसे पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण कदम बताया और रेलवे में इन कुल्हड़ों के उपयोग की घोषणा की।
वृद्धाश्रम सेवा समिति में उन्होंने सिलाई, कंप्यूटर, ब्यूटी पार्लर एवं मेहंदी प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण किया और प्रशिक्षित महिलाओं से संवाद किया।
इन सभी प्रयासों की सराहना करते हुए रेल मंत्री ने इसे स्वावलंबन और रोजगार का सराहनीय मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि यह “पाली मॉडल” समाज परिवर्तन में प्रभावी और प्रेरणादायी है।
पिछले 5 वर्षों में लघु उद्योग भारती, पाली इकाई ने प्रशिक्षण से लेकर किस्तों पर मशीन उपलब्ध करवाने तक के प्रयासों से हजारों महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है।
इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री झाबरमल खर्रा, उद्योग मंत्री के. के. विश्नोई, राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र गुप्ता, सांसद पी. पी. चौधरी, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, जिला कलेक्टर एल. एन. मंत्री, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ सिद्धू, लघु उद्योग भारती के निवृत्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शांतिलाल बालड, प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चोपड़ा, जोधपुर प्रांत महासचिव सुरेश बिश्नोई, राजस्थान के संयुक्त सचिव विनय बम्ब, जोधपुर अंचल के संयुक्त सचिव राहुल मेहता एवं कमल किशोर गोयल उपस्थित रहे।

