लघु उद्योग भारती जोधपुर प्रांत एवं केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) के संयुक्त तत्वावधान में महिलाओं को आर्थिक स्वावलम्बन की दिशा में प्रेरित करने हेतु 10 दिवसीय “बाजरा आधारित उत्पाद (बिस्किट, चॉकलेट, कूकीज) उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह प्रशिक्षण शिविर काजरी परिसर स्थित कृषि व्यवसाय अभिपोषण केन्द्र, जोधपुर में आयोजित किया गया। यह लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित चौथा प्रशिक्षण शिविर था। कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री घनश्याम ओझा, काजरी निदेशक डॉ. सुमंत व्यास, प्रांत प्रभारी व प्रदेश उपाध्यक्ष श्री महावीर चौपड़ा, प्रांत उपाध्यक्ष श्री हरीश लोहिया, प्रांत महामंत्री श्री सुरेश कुमार विश्नोई, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती मंजू सारस्वत, प्रांत संयुक्त महासचिव श्रीमती बिंदु जैन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि श्री घनश्याम ओझा जी ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने हेतु इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविरों की आवश्यकता पर बल दिया और बाजरा उत्पादों की विविधता की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान काजरी की ओर से लघु उद्योग भारती को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया तथा प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 16 महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। काजरी निदेशक डॉ. सुमंत व्यास ने मोटे अनाजों की पौष्टिकता और स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डाला। श्री महावीर चौपड़ा ने बताया कि यह प्रशिक्षण केवल शुरुआत है—प्रशिक्षण उपरांत इच्छुक महिलाओं को मशीन, ऋण और विपणन में भी सहयोग प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम संयोजक श्रीमती मंजू सारस्वत ने बताया कि प्रशिक्षण में बाजरा व अन्य मोटे अनाज से बिस्किट, चॉकलेट, कुरकुरे आदि जैसे 10 से अधिक उत्पादों को बनाने की विधियों का अभ्यास करवाया गया। इस अवसर पर डॉ. धीरज सिंह, डॉ. एच.एल. कुशवाहा एवं डॉ. ओमप्रकाश ने उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में यह प्रशिक्षण उपयोगी बताया। कार्यक्रम में श्री पंकज भंडारी, श्री राकेश चौड़ारिया, श्रीमती स्वाति शर्मा, श्री दुष्यंत परिहार, मीना जी सहित अन्य गणमान्यजन भी उपस्थित रहे।

