बीआईएस मानकों को लेकर उद्यमियों की खुली बैठक, अलीगढ़ के पारंपरिक उद्योगों की व्यावहारिक चुनौतियों पर उठा सवाल
आज कलेक्ट्रेट सभागार, अलीगढ़ में जिलाधिकारी श्री राजीव रंजन जी की अध्यक्षता में एवं जिला उद्योग उपायुक्त श्री वीरेंद्र सिंह तथा अलीगढ़ के प्रमुख उद्यमियों की उपस्थिति में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बीआईएस (Bureau of Indian Standards) के निदेशक श्री विक्रांत जी एवं संयुक्त निदेशक श्री राकेश कुमार जी ने बीआईएस में उत्पाद पंजीकरण एवं सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी साझा की।
कार्यशाला के दौरान लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों एवं सदस्य उद्यमियों ने बीआईएस को आईएसआई की तरह वैकल्पिक बनाए रखने की पुरजोर मांग की। बीआईएस टीम द्वारा बिना पर्याप्त तैयारी एवं सीमित टेस्टिंग लैब्स के सहारे जबरन मानक थोपने का विरोध किया गया। लगभग 50 वर्ष पुराने बीआईएस मानकों की भाषा और तकनीकी शैली आज की आधुनिक उत्पादन व्यवस्था के अनुकूल नहीं मानी गई, जिससे इनकी व्यवहारिकता पर गंभीर प्रश्न उठाए गए। विशेष रूप से यह कहा गया कि मानकों में वर्णित कई मटेरियल ग्रेड्स बाजार में उपलब्ध ही नहीं हैं, फिर भी उनके पालन की अनिवार्यता उद्यमियों को अत्यधिक कठिनाई में डाल रही है।
साथ ही बीआईएस प्रक्रिया को अपनाने के प्रयासरत उद्यमियों की सराहना करने के बजाय उनके संस्थानों पर हो रही छापेमारी का भी विरोध किया गया। अलीगढ़ के परंपरागत तालों एवं हार्डवेयर निर्माण उद्योगों में इन मानकों को लागू करने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को भी प्रमुखता से उठाया गया। विशेषकर सूक्ष्म (Micro) इकाइयों, जो सीमित संसाधनों और जानकारी के साथ कार्य करती हैं, उनके लिए इस प्रक्रिया को “वज्र प्रहार” की संज्ञा दी गई। वक्ताओं ने यह भी कहा कि वर्षों से अलीगढ़ के ताले देशभर में बिना किसी औपचारिक मानक के लोगों की सुरक्षा का भरोसा बने रहे हैं – ऐसे में यह कहना अनुचित है कि मानक न होने से गुणवत्ता प्रभावित होती है।
यदि बीआईएस मानकों को अनिवार्य रूप से लागू किया गया, तो छोटे और सस्ते हार्डवेयर उत्पाद बनाने वाली अधिकांश इकाइयाँ बंद होने की कगार पर पहुँच जाएंगी और केवल बड़े ब्रांडों का वर्चस्व रह जाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार और आत्मनिर्भरता को गहरी चोट पहुँचेगी।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के प्रदेश संयुक्त महामंत्री डॉ. गौरव मित्तल, जिलाध्यक्ष श्री योगेश गोस्वामी, महामंत्री श्री ललेश सक्सेना, कोषाध्यक्ष श्री अंशुमन अग्रवाल, श्री प्रह्लाद सिंह चौहान, श्री तरुण सक्सेना, श्री संजय गोयल, श्री आदित्य बजाज, श्री सुनील गर्ग समेत अनेक उद्योगपति एवं संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।

