स्वदेशी बनाएं, स्वदेशी अपनाएं: कौशल विकास कार्यशाला का आयोजन
आज सरस्वती शिशु मंदिर में स्वदेशी जागरण मंच और लघु उद्योग भारती द्वारा एक प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बच्चों को स्वदेशी अपनाने और स्वयं का रोजगार सृजित करने के लिए आवश्यक कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के विभाग सहसंयोजक राहुल जी विश्वकर्मा ने 'स्वदेशी बनाएं, स्वदेशी अपनाएं' की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे हम स्वदेशी उत्पादों का निर्माण कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकते हैं और अपने देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बना सकते हैं।
लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष किशोर प्रजापति ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार के कौशल विकास कार्यक्रमों और स्कूली शिक्षा के माध्यम से बच्चों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। लघु उद्योग भारती इस दिशा में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों में रोजगार सृजन के लिए प्रयासरत है। विशेषकर वंचित, गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लोगों को कौशल विकास के माध्यम से बैंकीय सहयोग प्रदान कर उनके लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
इस कार्यशाला में छात्रों को स्वरोजगार के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई और उन्हें स्वदेशी उत्पादों के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया। प्राचार्य देवकरण शर्मा और कपिल गुर्जर की उपस्थिति ने इस कार्यशाला को और भी प्रेरणादायक बना दिया। कार्यशाला का संचालन ग्राहक पंचायत के कार्यकर्ता अजीत पाराशर ने किया।
लघु उद्योग भारती के इस प्रयास से निश्चित ही स्वदेशी उत्पादों के निर्माण और स्वदेशी अपनाने की दिशा में एक नई पहल होगी, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी

