लघु उद्योग भारती नासिक द्वारा विश्लेषणात्मक व्याख्यान – भारत के आर्थिक परिदृश्य पर गहन चर्चा
लघु उद्योग भारती नासिक शाखा द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी एक विश्लेषणात्मक व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध एवं वरिष्ठ अर्थशास्त्री डॉ. श्री विनायकराव गोविलकर ने भारत के आर्थिक परिदृश्य और बजट विश्लेषण पर अपने विचार साझा किए। यह व्याख्यान निवेक, सतपुर, नासिक में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती नासिक के अध्यक्ष निखिल तापड़िया और कार्यकारी अधिकारी योगेश जोशी मंच पर उपस्थित रहे।
भारत के आर्थिक विकास और औद्योगिक संभावनाएं
अपने संबोधन में डॉ. विनायकराव गोविलकर ने विभिन्न उद्योगों और व्यावसायिक क्षेत्रों पर चर्चा की, जिनमें चमड़ा उद्योग, खिलौना निर्माण, हवाई यात्रा, पर्यटन, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, चिकित्सा उपकरण आदि शामिल रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यवसायों को प्रोत्साहन देने से न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि बाजार में कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट व्यापक दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है, जो वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने में मदद करेगा और कृषि, एमएसएमई, निवेश और निर्यात के चार प्रमुख इंजनों को संतुलित विकास दर के साथ आगे बढ़ाने में सहायक होगा।
प्रतिभागियों के साथ संवाद
व्याख्यान के उपरांत डॉ. गोविलकर ने उपस्थित उद्यमियों और उद्योगपतियों की शंकाओं का समाधान किया, जिससे उन्हें मौजूदा आर्थिक स्थितियों और सरकारी नीतियों के व्यावसायिक प्रभाव को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिली।
इस आयोजन ने स्थानीय उद्यमियों को सरकार की नीतियों, आर्थिक संभावनाओं और औद्योगिक विकास के नए अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। लघु उद्योग भारती नासिक का यह प्रयास व्यवसायिक जागरूकता और आर्थिक समझ को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

