लघु उद्योग भारती ने उद्योगों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को हर संभव सहयोग का दिया भरोसा
लघु उद्योग भारती की प्रदेश इकाई ने राजस्थान के उद्योगों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन सौंपा और इन समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष शांतिलाल बालड ने कहा कि राजस्थान टेक्सटाइल, स्टील, हस्तशिल्प, खनिज आधारित पत्थर, चूना, बेंटोनाइट, इंजीनियरिंग, कृषि उत्पाद, सौर ऊर्जा, प्लास्टिक उद्योग जैसे विभिन्न विशिष्ट उत्पादों के निर्माण का प्रमुख केंद्र है। यदि इन उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए, तो प्रदेश में औद्योगिक विस्तार को नई गति मिल सकती है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- एमएसएमई बोर्ड की स्थापना: केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य में एमएसएमई बोर्ड का गठन।
- जमीन का उपयोग परिवर्तन: कृषि भूमि को औद्योगिक भूमि में बदलने की अनुमति जिला कलेक्टर को देने।
- फायर सेस से मुक्ति: गुजरात की तरह राजस्थान में भी औद्योगिक इकाइयों को फायर सेस से छूट।
- रिप्स योजना का क्रियान्वयन: अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप राजस्थान में रिप्स योजना लागू करना।
- टेक्सटाइल नीति: नई टेक्सटाइल नीति में दिए गए सुझावों को शामिल कर जल्द से जल्द लागू करना।
- विद्युत शुल्क और कैटेगरी: उद्योगों को सामान्य विद्युत दर पर कनेक्शन देना, न्यूनतम चार्ज खत्म करना और विद्युत शुल्क की कैटेगरी में बदलाव।
- औद्योगिक क्षेत्रों का विकास: चोमू, अजीतगढ़, बालोतरा, लालसोट और अन्य स्थानों पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना।
- प्रदूषण नियमों में समानता: प्रदूषण नियमों और श्रेणियों को एक समान करना।
- पत्थर उद्योग: ग्रेनाइट और स्टोन उद्योग को ऑरेंज से ग्रीन कैटेगरी में शामिल करना।
- कृषि आधारित उद्योग: एग्रो प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए अलग नीति बनाना और कृषि उत्पादों पर कर प्रणाली का युक्तिकरण।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता कर उद्यमियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उद्योगों के विस्तार और विकास के लिए हर संभव सहयोग करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही सभी औद्योगिक संगठनों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य:
लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, प्रदेश अध्यक्ष महावीर चोपड़ा, महामंत्री योगेंद्र कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि।
मुख्यमंत्री के इस आश्वासन से उद्यमियों में सकारात्मकता का माहौल है और यह उम्मीद की जा रही है कि राज्य में औद्योगिक समस्याओं का जल्द समाधान होगा।

