किशनगढ़ टेक्सटाइल क्लस्टर के विकास पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा, क्लस्टर समन्वय एवं मॉनिटरिंग समिति की द्वितीय बैठक आयोजित
वस्त्र मंत्रालय के अधीन संचालित एकीकृत वस्त्र एवं परिधान विकास केंद्र (पावरलूम सर्विस सेंटर) द्वारा क्लस्टर समन्वय, मॉनिटरिंग एवं एडवाइजरी कमेटी की द्वितीय बैठक का आयोजन लघु उद्योग भारती, खोड़ा गणेश इकाई के सौजन्य से खोड़ा गणेश औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में किया गया। बैठक का उद्देश्य किशनगढ़ टेक्सटाइल क्लस्टर से जुड़े विभिन्न औद्योगिक विषयों पर विचार-विमर्श करना तथा उद्योग की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल करना रहा।
बैठक में वस्त्र मंत्रालय, नोएडा के सहायक निदेशक श्री धनराज मीना, सहायक कार्यालय प्रभारी श्री नरसिंह राठौड़ एवं श्री नगराज बनाकर ने भाग लिया। अधिकारियों ने किशनगढ़ टेक्सटाइल क्लस्टर की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों तथा संभावित विकास के अवसरों पर विस्तार से चर्चा करते हुए उद्यमियों से संवाद स्थापित किया।
इस अवसर पर श्री राजेश बाफना, श्री गौरव अग्रवाल, श्री दीपक शर्मा, श्री किर्ति कोचेटा, श्री कपिल बेनावत, श्री दिनेश मेहता, श्री दक्ष बंसल, श्री दिनेश बंसल एवं श्री पुनीत भराड़िया सहित अनेक उद्यमियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने सुझाव एवं समस्याएं प्रस्तुत कीं।
बैठक के दौरान उद्यमियों ने किशनगढ़ में किसी भी स्पिनिंग मिल का कार्यालय नहीं होने से उत्पन्न समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर धागे के सही बाजार भाव की जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें मध्यस्थों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे उत्पादन लागत प्रभावित होती है। इस समस्या के समाधान के लिए बड़ी मिलों के दैनिक यार्न रेट नियमित रूप से उपलब्ध करवाने तथा डीलरों द्वारा यार्न की उपलब्धता और दरों को नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने का सुझाव रखा गया।
सहायक निदेशक द्वारा पाली के प्रोसेसिंग उद्योगों द्वारा क्रय किए जा रहे कपड़ों के नमूने तकनीकी मानकों सहित प्रदर्शित किए गए। उन्होंने उद्यमियों को प्रेरित किया कि वे समान गुणवत्ता एवं निर्माण मानकों के अनुरूप कपड़ा तैयार कर सीधे प्रोसेसिंग इकाइयों को आपूर्ति करें। इससे स्थानीय उद्योगों को नए बाजार अवसर प्राप्त होंगे और क्लस्टर की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।
इसके साथ ही उद्यमियों को एमएसएमई पोर्टल एवं अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करवाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें और अपने उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ सकें। इच्छुक उद्यमियों के लिए सूरत टेक्सटाइल क्लस्टर की एक्सपोजर विजिट आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे वहां विकसित उन्नत उत्पादों और तकनीकों का अध्ययन कर उन्हें किशनगढ़ में स्थापित की जा रही शटललेस लूम्स पर अपनाया जा सके।
बैठक के दौरान किशनगढ़ रीको इकाई द्वारा पावरलूम सर्विस सेंटर (आईटीएडीसी) को प्रस्तावित भूमि आवंटन के विषय पर भी महत्वपूर्ण चर्चा की गई। इसे क्षेत्र के टेक्सटाइल उद्योग के दीर्घकालीन विकास और तकनीकी उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
यह बैठक सकारात्मक, रचनात्मक एवं विकासोन्मुख वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें उद्योग के समग्र विकास तथा क्लस्टर को सशक्त बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण सुझाव और पहल सामने आईं।

