साथियों,
लघु उद्योग भारती ने अपने निडर प्रयासों से छोटे उद्यमियों के लिए नए रास्ते खोलते हुए दिल्ली में उद्योग जगत को एक मजबूत पहचान दिलाई है। एमसीडी द्वारा 1996 की रिलोकेशन स्कीम के तहत उद्यमियों के नाम से फैक्ट्री लाइसेंस जारी करने का निर्णय हमारे संघर्ष का नतीजा है।
लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है। हमारा अंतिम लक्ष्य एमसीडी फैक्ट्री लाइसेंस की समाप्ति और सभी अनावश्यक बाधाओं को हटाकर *Ease of Doing Business* को बढ़ावा देना है।
हमारी *5 प्रमुख मांगें* जो दिल्ली के छोटे उद्योगों की तरक्की सुनिश्चित करेंगी:
1. एमसीडी फैक्ट्री लाइसेंस को समाप्त या सरलीकृत करना।
2. उद्योग मित्र संस्थान की स्थापना, जिससे उद्योगों का पंजीकरण सरल और पारदर्शी बने।
3. औद्योगिक बिजली दरों में पड़ोसी राज्यों के साथ समानता।
4. सभी औद्योगिक क्षेत्रों को फ्रीहोल्ड करना।
5. पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का आधारभूत ढांचा मजबूत करना और नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना।
*6 जनवरी 2025* को बवाना में होने वाले उद्यमी सम्मेलन में इन मांगों को प्रमुखता से रखा जाएगा। यह कार्यक्रम सिर्फ बवाना या नरेला तक सीमित नहीं है। यह