अखिल भारतीय स्तर पर एमएसएमई के लिए कार्य कर रही देश की सबसे बड़ी औद्योगिक संस्था लघु उद्योग भारती की पूर्वोत्तर प्रान्त की कार्यकारिणी की लिस्ट आप सभी के साथ साझा कर रहे है।
संस्था का पूर्वोत्तर में विस्तार दिन प्रतिदिन जारी है अभी असम के अलावा मैघालय में संस्था की पूर्ण इकाई कार्यकृत्त है तथा बाकी पूर्वोत्तर के सभी राज्यो में संस्था के साथ उध्यमि सद्स्य जुड़े हुए है।
2016 से पूर्वोत्तर में कार्य कर रही लुब की असम में पूर्ण इकाई कामरूप, तिनसुकिया, जोरहाट, गोलाघाट, नवगांव, सोनितपुर में बनी हुई हैं और डिब्रूगढ में जल्द ही गठन होने वाली है।
असम के करीब 22 जिलों में संस्था के सदस्य साथ जुड़े हुए हैं और जल्द ही सभी जिले जुड़जाएंगे ऐसा कार्य प्रगति पर है।
कार्यकारिणी टीम अध्यक्ष श्री मनोज लुण्डिया के नेतृत्व में कार्य कर रही है जिसमे महासचीव श्री रवि सुरेका, कोषाध्यक्ष श्री अनूप अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री घनश्याम धनुका, सचिव श्री अरूप बरपुजारी, श्री विवेक अग्रवाल तथा सह कोषाध्यक्ष श्री अमित चिरावाला राष्ट्रिय सह महासचिव श्री आशीष देवड़ा सामिल है।
इसी के साथ कार्यकारिणी में सदस्य रूप में श्री पार्थ प्रीतम पाठक, श्री रबी चौधरी,श्री राजेन कलिता,श्री प्रमोद मोर,श्री सुरेन्द्र चोखानी,श्री विकाश अग्रवाल, श्री मनीष अग्रवाल सीए,श्री हर्ष अग्रवाल,श्री संजय निमोदिया, श्री बीजित प्रकाश, श्री आलोक सोनथालिया,श्री सुकुमार साहा,श्री अंकित जोधानी, श्री आनन्द गोएनका, श्री राहुल बेद तेजपुर,श्री अनिल काबरा जोराहाट,श्री नयन अजीतसरिया नवगांव,श्री अरिजित जाना मेघालय, तथा महिला समिति से संयोजक श्रीमती सोनी झुनझुनवाला, सह संयोजक श्रीमती रंजना भजनका और जनसंपर्क अधिकारी श्री बिकाश गुप्ता सामिल है।
इकाई अध्यक्ष और सचिव की जिमेबारी क्रमश ये देख रहे हैं।
तिनसुकिया श्री विशाल थर्ड और श्री राजेश शर्मा, जोराहट श्री राजकुमार चौधरी और श्री कमल गट्टानी, गोलाघाट श्री रंजीत बोरा, कार्यकारी अध्यक्ष श्री अजय कनोई और श्री विनीत तोड़ी, नवगांव श्री रोहित अग्रवाल और श्री आश्विन भजनका, सोनितपुर श्री मोतीलाल सिफानी और श्री शरद सेतिया, मेघालय श्री विक्रम सिंघानिया और श्री हर्ष झुनझुनवाला , कामरूप संयोजक श्री अरूण पोद्दार डिब्रूगढ संयोजक श्री संतोष केजरीवाल
अभितक लुब पूर्वोत्तर में करीब 575 के आसपास उध्यमि सदस्य जुड़े हुए है ये संख्या पूरे भारत वर्ष में करीब 35000 के लगभग है जो देश के सभी राज्यो में पूर्ण इकाई के साथ कार्य कर रहे है।
लघु उद्योग भारती के सदस्य बनने के लिए वो सभी उध्यमि पात्र है जो छोटा बड़ा कोई उद्योग चलाते हो और कोई वस्तु का उत्पाद करते हो, ये सारी जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति द्वारा श्री बिकास गुप्ता ने जारी की।

