उद्योगों की समस्याओं पर सरकार संवेदनशील: क्षेत्रीय सम्मेलन और उद्यमी महासम्मेलन
लखनऊ में लघु उद्योग भारती द्वारा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के उद्योगपतियों के लिए क्षेत्रीय सम्मेलन और उद्यमी महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाना था।
मुख्य बिंदु:
सरकार की प्रतिबद्धता:
कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि राज्य सरकार एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 44 करोड़ रुपये की लागत से नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जो छोटे उद्योगों को सशक्त बनाएंगे।
15% पूंजी निवेश अनुदान के माध्यम से 35,000 एमएसएमई इकाइयों को लाभ पहुंचाने की योजना साझा की गई।
नई पहलें:
सम्मेलन में अंतिम मिल उद्योग समाधान पोर्टल और मुख्यमंत्री सूक्ष्म डिजिटल मिशन की शुरुआत की गई। इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से उद्यमियों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए डिजिटल साधन उपलब्ध होंगे।
उद्यमियों के लिए नीतिगत जानकारी और तकनीकी समाधान आसान बनाने पर जोर दिया गया।
लघु उद्योग भारती का योगदान:
केशव पाठक (राष्ट्रीय महासचिव) ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए सरकार की योजनाएं लाभकारी हैं। उन्होंने उद्यमियों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लघु उद्योग भारती उद्यमियों और सरकार के बीच संवाद का एक मजबूत माध्यम बन रही है।
समस्याओं पर चर्चा:
सम्मेलन में उद्यमियों ने अपने व्यापारिक और औद्योगिक समस्याओं को सामने रखा, जिनमें वित्तीय सहायता, तकनीकी सुधार और बाजार में पहुंच की चुनौतियां शामिल थीं।
इन मुद्दों को समाधान के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
औद्योगिक क्लस्टर विकास:
सरकार ने विभिन्न जिलों में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना बनाई है, जो उद्योगों को संसाधन और नेटवर्किंग के बेहतर अवसर प्रदान करेगा।
निष्कर्ष:
यह सम्मेलन छोटे और मध्यम उद्योगों की समस्याओं को हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। लघु उद्योग भारती और सरकार के बीच यह सहयोग उद्योगों के विकास और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करेगा। कार्यक्रम में उद्योगों के लिए योजनाओं और नवाचारों की जानकारी दी गई, जिससे उद्यमियों को नई संभावनाएं तलाशने और अपने व्यवसाय को विस्तार देने का अवसर मिला।
यह आयोजन सरकार की संवेदनशीलता और एमएसएमई सेक्टर के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। लघु उद्योग भारती की यह पहल छोटे उद्योगों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

