खुरजा लघु उद्योग भारती की आम सभा: संगठन विस्तार और नई योजनाओं पर चर्चा
खुरजा लघु उद्योग भारती की आम सभा का आयोजन हुआ, जिसमें 52 औद्योगिक इकाइयों ने सक्रिय भागीदारी की। सभा की शुरुआत महामंत्री आलोक गर्ग के प्रस्ताव पर श्री रविंद्र गुप्ता को संरक्षक बनाकर की गई। इस अवसर पर मंच पर भारत माता और श्री विश्वकर्मा जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन भी किया गया।
संगठन और आगामी क्षेत्रीय सम्मेलन की जानकारी
अध्यक्ष संजय गुप्ता ने सभा का संचालन करते हुए लघु उद्योग भारती के उद्देश्य, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के कार्य और पदाधिकारियों की जानकारी साझा की। उन्होंने 12 जनवरी को लखनऊ में होने वाले क्षेत्रीय सम्मेलन के बारे में भी बताया और सदस्यों से इसमें भाग लेने का अनुरोध किया। खुरजा से 5 से 8 उद्यमियों के इसमें शामिल होने की संभावना है।
विगत कार्य और भविष्य की योजनाएं
सभा में संगठन द्वारा बीते वर्ष में किए गए कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई। सदस्यता विस्तार पर विशेष जोर देते हुए बताया गया कि लघु उद्योग भारती देश का एकमात्र राष्ट्रीय संगठन है जो लघु उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए समर्पित है। पारदर्शिता के साथ कार्य करने वाले इस संगठन में हर उद्यमी सदस्यता ले सकता है। सभा में 10 नए सदस्यों को संगठन से जोड़ा गया और सदस्य संख्या 100 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया।
महत्वपूर्ण घोषणाएं और विचार-विमर्श
संरक्षक श्री रविंद्र गुप्ता ने संस्था के नववर्ष कैलेंडर का अनावरण किया, जिसे सभी सदस्यों को वितरित किया गया। बवाना लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष और खुरजा के सदस्य श्री अमित गुप्ता ने अपने संबोधन में संगठन के महत्व पर प्रकाश डाला।
सदस्य और अधिवक्ता श्री अंशुल सूरी ने फैसिलिटेशन काउंसिल की कार्यप्रणाली और उद्यमियों को इससे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी। कोषाध्यक्ष बीरेंद्र बंसल ने बताया कि संस्था अब तक बिना सामूहिक धन संग्रह के कार्य कर रही है और कुछ सदस्यों के सहयोग से व्यवस्थाएं संभाली गई हैं। संरक्षक श्री रविंद्र गुप्ता के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए सभी सदस्यों से 2000 रुपये प्रति इकाई का सहयोग राशि देने का निर्णय लिया गया।
सद्भावना और रात्रिभोज
सभा के समापन के बाद सभी सदस्यों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया गया। यह सभा संगठन की मजबूती, सदस्यता विस्तार और भविष्य की दिशा पर ठोस कदम उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई।

