जयपुर में लघु उद्योग भारती की माइनिंग शाखा की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य के खनिज उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों और संभावनाओं पर गहन चर्चा की गई। राजस्थान खनिज संसाधनों की प्रचुरता के कारण देशभर में एक विशेष स्थान रखता है, और इस बैठक का उद्देश्य इन खनिजों का अधिकतम लाभ उठाने के साथ-साथ उद्योग से संबंधित समस्याओं का समाधान निकालना था।
बैठक में राजस्थान में खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना और उनके मूल्यवर्धन पर विशेष ध्यान दिया गया। खनिजों के मूल्यवर्धन से राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार लाया जा सकता है और अधिक रोजगार के अवसर भी उत्पन्न हो सकते हैं। इसके लिए एक विस्तृत विज़न डॉक्यूमेंट तैयार करने की योजना पर चर्चा हुई, जिसमें खनन उद्योग की विकास रणनीति, नीतिगत सुधार, और संभावित चुनौतियों का समाधान शामिल होगा।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री प्रकाशजी भाईसाहब, श्री घनश्याम जी भाईसाहब, श्री सुधीर जी गर्ग, और श्री मुकेश जी अग्रवाल सहित कई खनन और खनिज क्षेत्र से संबंधित उद्यमी उपस्थित थे। उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और राज्य में खनिज संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
यह बैठक राज्य में खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई। इसमें विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि खनिज संसाधनों का अधिकतम उपयोग कैसे किया जाए और राज्य में उद्योगों की वृद्धि के लिए किस प्रकार की नीतियां लागू की जाएं।

