राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत आयोजित एमएसएमई कॉन्क्लेव के लिए लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री घनश्याम ओझा ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और उद्योग मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का आभार व्यक्त किया। जयपुर में लघु उद्योग भारती राजस्थान प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने बताया कि इस समिट के माध्यम से देश और विदेश से आने वाले निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में रोजगार के व्यापक अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने बताया कि 11 दिसंबर को जयपुर में आयोजित होने वाले इस कॉन्क्लेव में 5,000 से अधिक उद्यमी भाग लेंगे।
संगठन के राष्ट्रीय सचिव श्री नरेश पारीक ने बताया कि लघु उद्योग भारती प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना के लिए अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने हेतु एमओयू साइन करवाने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष श्री शांतिलाल बालड़ ने कहा कि एमएसएमई कॉन्क्लेव के सफल आयोजन के लिए लघु उद्योग भारती की सभी प्रदेश इकाइयां, स्थानीय जिला उद्योग केंद्रों और रीको के अधिकारियों के साथ मिलकर पूरी तत्परता से पंजीकरण प्रक्रिया में जुटी हुई हैं। उन्होंने नए उद्योगों को आकर्षित करने के लिए 'रिप्स 2024' इंडस्ट्री फ्रेंडली पॉलिसी जारी करने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
कॉन्क्लेव के आयोजन सचिव श्री महेंद्र मिश्रा ने बताया कि आज प्रदेश टीम की बैठक में विभिन्न समितियों का गठन किया गया और कॉन्क्लेव की सफलता के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। उन्होंने जानकारी दी कि लघु उद्योग भारती के नवनिर्मित कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन 11 दिसंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर कॉन्क्लेव से संबंधित पोस्टर का विमोचन भी किया गया। बैठक में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए योगेश गौतम, प्रदेश संयुक्त महासचिव श्री सुरेश विश्नोई, जोधपुर अंचल अध्यक्ष श्री महावीर चोपड़ा सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि लघु उद्योग भारती देश का सबसे बड़ा लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों का संगठन है, जिसकी 981 इकाइयां और 60,000 से अधिक सक्रिय सदस्य देश भर में हैं। राजस्थान में संगठन की 161 इकाइयों में 11,500 सदस्य सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

