लघु उद्योग भारती, अजमेर की प्रभावशाली सहभागिता – चित्तौड़ प्रांत की प्रांतीय बैठक में हुआ सार्थक संवाद
राजसमंद में सम्पन्न हुई लघु उद्योग भारती की चित्तौड़ प्रांत स्तरीय प्रांतीय बैठक में अजमेर इकाइयों की सक्रिय और प्रभावशाली भागीदारी ने इस आयोजन को और भी समृद्ध बनाया। मार्बल गैंग्सॉ एसोसिएशन भवन में आयोजित इस बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के विकास के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा हुई, जिससे क्षेत्रीय उद्यमियों को नई दिशा और प्रोत्साहन मिला।
बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री प्रकाश चंद जी भाई साहब ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री घनश्याम जी ओझा और विशिष्ट अतिथियों में प्रदेश अध्यक्ष श्री शांति लाल जी बालोत, प्रदेश महामंत्री श्री योगेन्द्र जी शर्मा, तथा अखिल भारतीय सह कोषाध्यक्ष श्री महेश जी गुप्ता शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन प्रांत महामंत्री श्री प्रवीण जैन ने कुशलतापूर्वक किया।
अजमेर क्षेत्र से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिनमें अजमेर-पलड़ा इकाई के अध्यक्ष श्री राजेश बंसल, अजमेर मुख्य इकाई के सचिव श्री अभिषेक जैन एवं श्री अशोक तोशनीवाल, तथा महिला इकाई की अध्यक्ष श्रीमती दिव्या सोनी एवं सचिव श्रीमती शिल्पी जैन प्रमुख थे। इन प्रतिनिधियों ने MSME क्षेत्र में सामने आ रही चुनौतियों, अवसरों और संगठनात्मक कार्यों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। उन्होंने अन्य जिलों के सदस्यों के साथ अपने अनुभव साझा किए और संगठन के प्रभावी संचालन हेतु सुझाव दिए।
लघु उद्योग भारती का उद्देश्य सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को तकनीकी, कानूनी और वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके विकास में सहायक बनना है। यह संगठन उद्यमियों को सरकारी योजनाओं से परिचित कर, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही यह उद्यमियों के बीच सहयोग और संवाद के सशक्त मंच के रूप में कार्य करता है।
अजमेर इकाई ने आगामी योजनाओं की रूपरेखा भी प्रस्तुत की, जिसमें तकनीकी सत्रों, प्रशिक्षण शिविरों, सरकारी योजनाओं की जानकारी एवं आवेदन सहायता, तथा महिला उद्यमियों के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल हैं। यह सभी प्रयास MSME क्षेत्र के विकास को गति देने और उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में हैं।
अजमेर इकाई की यह सहभागिता न केवल संगठन की सामूहिक ताकत को बढ़ाने वाली है, बल्कि स्थानीय उद्यमियों को भी एकजुट कर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर एक मजबूत कदम साबित होगी। यह संकल्प संगठन की प्रगति एवं क्षेत्रीय MSME विकास के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है।

