छोटे उद्योगों से दूर होंगी बेरोजगारी की समस्या-
प्रकृति और उद्योग एक सिक्के के दो पहलू- प्रकाशचंद
उदयपुर। लघु उद्योग भारती उदयपुर की मासिक बैठक शनिवार 8 जून को मार्बल भवन में आयोजित की गई जिसमें लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाशचंद्र एवं प्रदेश महामंत्री योगेंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे।
उदयपुर लघु उद्योग भारती सचिव कपिल सुराणा ने बताया कि शनिवार को उदयपुर की सात इकाइयों की महत्वपूर्ण मासिक बैठक मार्बल भवन में आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाशचंद्र ने बताया कि लघु उद्योगों के माध्यम से ही देश की विकट समस्या बेरोजगारी का समाधान किया जा सकेगा। भारतवर्ष में छोटे एवं कुटीर उद्योगों का महत्व बढ़ने वाला है इन्हीं उद्योगों के आधार से भारत फिर से विश्व में अपना डंका बजाएगा। उद्योगों की जो भी समस्याएं हैं उसे राज्य एवं केंद्र सरकार प्राथमिकता से समाधान करे साथ ही इस कार्य में लघु उद्योग भारती को अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। वर्तमान में बिजली की समस्या से पूरा उद्योग जगत त्रस्त हो रहा है सरकार इस समस्या का स्थाई समाधान निकाले जिससे प्रतिवर्ष होने वाली बिजली की समस्याओं से छुटकारा मिल सके।
सरकारी अधिकारी निभाए अपना दायित्व।
शनिवार को लघु उद्योग भारती की मासिक बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाशचंद्र ने कहा कि सरकारी अधिकारी औद्योगिक क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अपना सहयोग देवे जिससे देश औद्योगिक क्रांति में नई ऊंचाइयों को छू सके। हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि देश का विकास उसके छोटे एवं कुटीर उद्योगों के ऊपर निर्भर रहता है। औद्योगिक विकास से सामाजिक स्तर पर भी परिवर्तन होता है। प्रकाशचन्द्र ने बताया कि जिन-जिन देशों में औद्योगिक क्रांति हुई है उन सभी देशों में सामाजिक अपराध के ग्राफ में निरंतर कमी आई है। सामाजिक समस्या एवं आपसी भाईचारा तभी निरंतर रह सकेगा जब तक कि हम आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होंगे। राष्ट्रहित में उद्योग की उन्नति अति आवश्यक है।
प्रकृति का नही हो दोहन, प्रकृति एवं उद्योग एक सिक्के के दो पहलू होने चाहिए। यदि हम अपने देश में उद्योग को विकसित करते हैं तो उसके साथ-साथ उससे दोगुना हमें पर्यावरण को संरक्षण करना होगा, साथ ही पर्यावरण के अनुकूल हमें विकास की ओर अग्रसर होना होगा। जिस देश ने पर्यावरण का शोषण करते हुए औद्योगिक विकास किया है उस देश का विनाश होना तय है, इसलिए हमें उद्योग के साथ-साथ पर्यावरण को भी सही रूप में संजोना है।
उत्पाद में गुणवत्ता का रखे ध्यान।
लघु उद्योग भारती राजस्थान के महामंत्री योगेंद्र शर्मा ने उपस्थित उद्योग जगत के सदस्यों का आह्वान करते हुए कहा कि हमें उच्च तकनीकी की सहायता से गुणवत्ता पूर्ण उत्पादन का निर्माण करना होगा जिससे हमारे उत्पाद का विश्व में नाम हो सके। यदि हमारे उत्पाद उच्च गुणवत्ता के होंगे तो उसे बाजार में प्रतिस्पर्धा होते हुए भी आसानी से बेचा जा सकेगा। हमारा देश पांचवी अर्थव्यवस्था से तीसरी अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है एवं लघु एवं कुटीर उद्योगों के माध्यम से इससे हम जल्द प्राप्त भी कर लेंगे।
बैठक में जिला अध्यक्ष मनोज जोशी, राकेश वर्डिया, तरुण दवे, रीना राठौड़, सीमा पारिक,रजनी डांगी, हेमंत जैन, हरिओम पालीवाल, रवि शर्मा, राजेश शर्मा, अभिजीत शर्मा, महेंद्र मांडावत….. आदि उपस्थित रहे।

