लघु उद्योग भारती की दिल्ली प्रदेश इकाई की मासिक बैठक में दिल्ली के उद्यमियों ने अपने व्यवसाय पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। उद्यमियों ने कहा कि दिल्ली में बिजली की दरें देश में सर्वाधिक हैं, जिससे हर माह उनके बिजली बिलों में हज़ारों रुपये के मनमाने चार्ज जुड़ जाते हैं। इसका सीधा असर उनके व्यापारिक प्रतिस्पर्धा पर पड़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कई उद्योग या तो बंद हो रहे हैं या दिल्ली से अन्य राज्यों में पलायन कर रहे हैं।
बैठक में उद्यमियों ने GST अधिकारियों की मनमानी पर भी रोष प्रकट किया। उन्होंने बताया कि वर्षों पुराने इनपुट क्रेडिट को अचानक अस्वीकार कर दिया जाता है, जिससे दिल्ली के छोटे उद्यमियों और व्यापारियों को अनावश्यक उत्पीड़न झेलना पड़ता है। उद्यमियों ने सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के दावों पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया और GST विभाग में हर स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर ध्यान आकर्षित किया।
उद्यमियों ने GST रिफंड प्रक्रिया को आयकर रिफंड की तरह सरल और सहज बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक का समापन करते हुए, उपस्थित उद्यमियों ने एकजुट होकर लघु उद्योग भारती के माध्यम से परस्पर व्यापार को बढ़ावा देने की कार्ययोजना बनाने का संकल्प लिया और दिल्ली के सभी उद्यमियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

